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हमारी आकाशगंगा के पड़ोस में दमक रहे उच्च द्रव्यमान वाले तारे; एक बार जरूर देखें आप

NGC 346: वैज्ञानिक लगातार ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिशों में जुटे रहते हैं। ऐसे में कई बार कुछ ऐसा पता चलता है कि उसपर यकीनकर पाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन ब्रह्मांडीय दुनिया को लेकर अचरज में पड़ना तो सामान्य सी बात है। हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने NGC 346 में मौजूद उच्च द्रव्यमान वाले रोशनदार तारों की मनमोहक छवि साझा की।

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एनजीसी 346 (फोटो साभार: NASA)

KEY HIGHLIGHTS
  • हबल ने कैप्चर किया मनमोहक नजारा।
  • अद्भुत नजारा देख हजारों अंतरिक्षप्रेमी हो गए मंत्रमुग्ध।
  • गर्म तारों का घर है NGC 346।

NGC 346: ब्रह्मांड के रहस्यमयी ब्लैक होल से लेकर अजीबोगरीब कई तरह के तारा निर्माण क्षेत्रों के बारे में वैज्ञानिकों की सोच विकसित हो पाई है। काले घने अंतरिक्ष के रोशनदार चमकीले तारे आसपास की आकाशगंगाओं तक अपना प्रभाव छोड़ते हैं। साथ ही अंतरिक्षप्रेमियों को मंत्रमुग्ध करने की क्षमता भी रखते हैं। आसमान के अलौकिक नजारों को देखना आखिर किसे पसंद नहीं होगा तो चलिए आज हम हमारी अपनी मिल्की-वे की सैटेलाइट आकाशगंगा के लघु मैगेलैनिक बादल (Small Magellanic Cloud) पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

आपको मंत्रमुग्ध कर देगा नजारा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) की मदद से लघु मैगेलैनिक बादलों के केंद्र में मौजूद NGC 346 का अद्भुत नजारा कैप्चर किया। दरअसल, नासा ब्रह्मांड की अनदेखी दुनिया के अद्भुत नजारों को साझा करता रहता है। इसी कड़ी में नासा ने NGC 346 की एक तस्वीर साझा की है।

कहां स्थित है NGC 346?

पृथ्वी से लगभग 2.1 लाख प्रकाश वर्ष दूर लघु मैगेलैनिक बादलों के केंद्र में NGC 346 स्थित है। इसे दक्षिणी तारामंडल टुकाना में नग्न आंखों से देखा जा सकता है। हमारी आकाशगंगा के सबसे नजदीकी पड़ोसियों में से एक NGC 346 एक स्टार क्लस्टर है यानी तारों का घर, लेकिन सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि NGC 346 गर्म तारों का घर है, जिससे रेडिएशन और ऊर्जावान बहिर्प्रवाह की धार निकलती है। जिसकी वजह से आसपास के नेबुला खासकर N66 के गैस और धूल के सघन हिस्से तबाह हो जाते हैं।

उच्च द्रव्यमान वाले तारे

NGC 346 में दर्जनों गर्म, उच्च द्रव्यमान वाले सितारे रोशन होते हैं। बता दें कि हमारी आकाशगंगा के अधिकांश भागों की तुलना में लघु मैगेलैनिक बादलों (SMC) में कम धातुएं होती हैं। खगोलविद हाइड्रोजन और हीलियम से भारी किसी भी तत्व को 'धातु' मानते हैं, लेकिन हमारी आकाशगंगा के अधिकांश हिस्सों की तुलना में SMC में कम धातु हैं। जिसकी वजह से हम शुरुआती ब्रह्मांड की आकाशगंगाओं की याद आती है, क्योंकि उस वक्त भी बेहद कम भारी तत्व आकाशगंगाओं में शामिल होने के लिए मौजूद थे।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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