Sunita Return Mission: भारतवंशी सुनीता विलियम्स आखिरकार 9 माह बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से धरती की ओर रवाना हो गईं। 421 किलोमीटर की ऊंचाई पर धरती की परिक्रमा कर रहे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने उड़ान भरी।
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने दो अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ स्पेसएक्स कैप्सूल में सवार होकर स्पेस स्टेशन को अलविदा कहा। ड्रैगन कैप्सूल भारतीय समयानुसार, लगभग 3:30 AM पर फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा।
स्पेस मिशन के लिए कब हुई थीं रवाना?
सुनीता विलियम्स 8 दिनों के स्पेस मिशन के लिए जून 2024 के पहले सप्ताह में रवाना हुई थीं, लेकिन बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में तकनीकी खामी आने की वजह से उनकी वापसी नहीं हो पाई और दिन-प्रतिदिन वापसी की समयसीमा बढ़ती रही। हालांकि, 9 माह बाद अंतत: स्पेस स्टेशन से उनकी वापसी हो रही है।
कैप्सूल में कौन-कौन है मौजूद?
रविवार को विल्मोर और विलियम्स के स्थान पर अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को तैनात करने के लिए ‘स्पेसएक्स’ का यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंच गया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुए अंतरिक्ष यात्रियों के नए दल में नासा से ऐनी मैक्लेन और निकोल एयर्स शामिल हैं। वे दोनों सैन्य पायलट हैं। इनके अलावा जापान के ताकुया ओनिशी और रूस के किरिल पेस्कोव भी रवाना हुए हैं और दोनों विमानन कंपनियों के पूर्व पायलट हैं।
विल्मोर ने रविवार को अंतरिक्ष स्टेशन का 'हैच' खोला और इसके बाद एक के बाद एक चारों नए यात्री अंदर आए। अंतरिक्ष में पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने अपने नए साथियों का स्वागत उनसे गले मिलकर और हाथ मिलाकर किया। विलियम्स ने 'मिशन कंट्रोल' से कहा, ''यह एक शानदार दिन है। अपने दोस्तों को यहां देखकर बहुत खुशी हुई।''
