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बड़ा थूथन सहिय यह काबिलियत घड़ियाल को बनाती है दूसरे जलीय जीवों से अलग, जानें इनसे जुड़ी रोचक बातें

Gharial: देश में घड़ियाल की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में घड़ियालों की प्रमुख आबादी देश में चंबल और गिरवा में है। साल 1975 में मगरमच्छ संरक्षण परियोजना की शुरूआत की गई थी। ऐसा माना जाता है कि घड़ियाल 1950 के दशक में ब्रह्मपुत्र नदी से विलुप्त हो गए थे।

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घड़ियाल

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • घड़ियाल का थूथन बड़ा होता है यानी लंबी चोंच की तरह लगता है।
  • घड़ियाल साफ पानी में पाया जाता है।
  • घड़ियाल सामाजिक जलीय जीव है, इन्हें आप झुंड में देख सकते हैं।

Gharial: देश में घड़ियाल की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। लंबी थूथन वाला यह जलीय जीव साफ पानी में पाया जाता है। यह मगरमच्छ की प्रजाति से ही ताल्लकु रखता है। साल 1975 में मगरमच्छ संरक्षण परियोजना की शुरूआत की गई थी ताकि घड़ियालों और अन्य मगरमच्छों को विलुप्त होने से बचाया जा सके।

भारतीय घड़ियाल

नदियों के किनारे पाया जाने वाला यह जलीय जीव अपनी लंबी थूथन की वजह से पहचाना जाता है। असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एकलौती मादा घड़ियाल की मौजूदगी से ब्रह्मपुत्र नदी में इस प्रजाति के पुनरुद्धार की उम्मीद जगी है। ऐसा माना जाता है कि घड़ियाल 1950 के दशक में ब्रह्मपुत्र नदी से विलुप्त हो गए थे। हालांकि, 1990 में घड़ियालों को फिर से देखा गया था।

कहां पाए जाते हैं घड़ियाल?

घड़ियाल व्यापक रूप से ब्रह्मपुत्र, सोन, व्यास, महानदी, रामगंगा, निरवा नदी में पाए जाते हैं। यूं तो घड़ियाल भारत के अलावा भूटान, नेपाल और बांग्लादेश में भी पाए जाते हैं। वर्तमान में घड़ियालों की प्रमुख आबादी देश में चंबल और गिरवा में है।

Gharial_Pics

घड़ियाल

घड़ियाल की रोचक बातें:

  • मादा घड़ियाल ढ़ाई से साढ़े चार, जबकि नर घड़ियाल तीन से छह मीटर तक लंबे हो सकते हैं।
  • मगरमच्छ की तुलना में घड़ियाल का हल्का होता है, यह 160 किलोग्राम तक हो सकते हैं।
  • घड़ियाल का थूथन बड़ा होता है यानी लंबी चोंच की तरह लगता है।
  • घड़ियाल सामाजिक जलीय जीव है, इन्हें आप झुंड में देख सकते हैं।
  • वर्तमान में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में इनकी सर्वाधिक आबादी है।
  • साल 2021 में घड़ियाल की संख्या बढ़कर 2176 हो गई थी।

देश में घड़ियाल की कितनी प्रजाति हैं

देश में घड़ियाल की तीन प्रजाति पाई जाती हैं। जिनमें मगर/भारतीय मगरमच्छ, घड़ियाल और खारे पानी का मगरमच्छ शामिल है। अगर घड़ियाल की बात की जाए तो यह साफ पानी/मीठे पानी में पाया जाता है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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