Hippopotamus: हाथी और सफेद घोड़े के बाद हिप्पोपोटामस जमीन पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्तनधारी है, जिन्हें 'दरियाई घोड़ा' भी कहा जाता है। देखने में काफी तगड़े लगने वाले दरियाई घोड़े आक्रामक प्रवृत्ति के होते हैं। इन्हें गुस्सा बहुत जल्दी आता है ऐसे में इनसे दूरी बनाकर रखना ही सबसे बढ़िया है।
मगरमच्छ को भी कर देते हैं घायल
नदी, तलाब में डुबकी मारने वाले दरियाई घोड़े लंबे समय तक अपनी सांस रोककर पानी के नीचे रह सकते हैं। हालांकि, इनके दांत इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं कि पानी में मौजूद मगरमच्छ तक को लहूलुहान करने की क्षमता रखते हैं। इनके दंश से बच पाना बेहद मुश्किल है। हिप्पो के काटने की ताकत 1,800 पाउंड प्रति वर्ग इंच (PSI) होती है।
हिप्पो उग्र स्वभाव के होते हैं और वह अक्सर मनुष्यों पर हमला करते हैं। हिप्पो को दुनिया के सबसे खतरनाक जानवरों में से एक माना जाता है। हिप्पो शाकाहारी होते हैं और घास, जलीय पौधे इत्यादि का सेवन करते हैं।

दरियाई घोड़ा
क्यों आता है गुलाबी पसीना?
नर और मादा दरियाई घोड़े का वजन अलग-अलग होता है। मादा हिप्पो 1.35 टन, जबकि नर हिप्पो 4.50 टन तक हो सकता है। माना जाता है कि दरियाई घोड़े का पसीना गुलाबी रंग का होता है और इसके लिए इनका शरीर जिम्मेदार होता है। दरअसल, दरियाई घोड़े के शरीर से गुलाबी रंग का तैलीय पदार्थ या कहें तेल निकलता है, जो पसीने की तरह लगता है। इसे लाल पसीना और खूनी पसीना भी कहा जाता है। बता दें कि दरियाई घोड़े के म्यूकस ग्लैंड से तैलीय स्राव निकलता है।
दरियाई घोड़े की रोचक बातें:
- मादा दरियाई घोड़ा 10 साल की उम्र में सेक्सुअली मैच्योर हो जाती हैं।
- मादा दरियाई घोड़ा हर दो साल में एक बच्चे को जन्म दे सकती हैं।
- मादा दरियाई घोड़ा आठ माह तक प्रेग्नेंट रहती हैं और पानी में नन्हें हिप्पो को जन्म देती हैं।
- नन्हा हिप्पो जन्म के साथ ही लगभग 90 सेकंड तक अपनी सांस पानी में रोक सकता है।
झुंड में रहते हैं दरियाई घोड़े
भले ही दरियाई घोड़े आक्रामक स्वभाव के होते हैं, लेकिन इन्हें सामाजिक प्राणी माना जाता है। यह झुंड में रहते हैं, जिनमें दरियाई घोड़ों की तादाद 100 तक हो सकती है।
