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Gaganyaan Mission: गगनयान मिशन पर ISRO को बड़ी सफलता, दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट सफल

Gaganyaan Mission Test: गगनयान मिशन के लिए इसरो ने आज दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट किया, जो सफल रहा है। गगनयान मिशन अगले साल के लिए निर्धारित है।

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गगनयान मिशन के लिए ISRO ने दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट किया (फाइल फोटो- ISRO)

Gaganyaan Mission Test: इसरो ने गगनयान मिशन के एक और पड़ाव को पार कर लिया है। गगनयान मिशन का दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट सफल रहा है। यह परीक्षण Satish Dhawan Space Centre में किया गया, जहां वैज्ञानिकों ने क्रू मॉड्यूल की रिकवरी प्रणाली को परखा। यह टेस्ट इसलिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके।

पैराशूट तथा लैंडिंग सिस्टम की क्षमता का आकलन

इस एयर ड्रॉप टेस्ट में क्रू मॉड्यूल को एक निश्चित ऊंचाई से गिराया गया और उसके पैराशूट तथा लैंडिंग सिस्टम की क्षमता का आकलन किया गया। इस टेस्ट की सफलता पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसरो को बधाई देते हुए कहा- "Gaganyaan के लिए दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए ISRO को बधाई। Gaganyaan भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान है, जो अगले साल के लिए निर्धारित है। दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह Gaganyaan मिशन की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का ट्वीट

स्पेस में भारत का पहला मानव मिशन

गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्ष अभियान है, जिसके तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री (गगननॉट्स) को पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा। इस मिशन को अगले वर्ष लॉन्च करने की योजना है और इसके लिए लगातार अलग-अलग चरणों में परीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी जोखिम को कम किया जा सके।

टेस्ट से क्या हासिल हुआ?

इस दूसरे एयर ड्रॉप टेस्ट की सफलता से यह भी साबित हुआ है कि क्रू मॉड्यूल की रिकवरी प्रणाली वास्तविक परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे परीक्षण अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि मिशन के दौरान किसी भी आपात स्थिति में यही सिस्टम उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से गगनयान मिशन की तैयारियों को बड़ा बल मिला है और भारत अब मानव अंतरिक्ष उड़ान के अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच गया है। आने वाले महीनों में ISRO इसी तरह के और परीक्षण करेगा, ताकि मिशन को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाया जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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