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कितनी गर्मी झेल सकता है मानव शरीर? अर्धशतक के करीब पहुंचे तापमान से हाहाकार

Heatwave: दिल्ली सहित उत्तर पश्चिम के कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। आग उगलते हुए सूर्य की वजह से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। लोगों घरों में दुबक कर बैठे हुए हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि मानव शरीर कितना तापमान सह सकता है। बता दें कि मानव शरीर बिना का तापमान 37 डिग्री फॉरेनहाइट होता है।

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मानव शरीर कितना तापमान सह सकता है?

Photo : iStock

Heatwave: दिल्ली सहित देश के कई उत्तर पश्चिम इलाके भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण लू का सामना कर रहे हैं और अगले तीन दिनों तक यह जारी रह सकती है।

मौसम विज्ञानी ने कहा कि जून में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों और उत्तरी मध्य प्रदेश समेत उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है। बता दें कि दिल्ली एनसीआर से लेकर पंजाब तक में हाल ही में तापमान अर्धशतक मारते-मारते रह गया। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि इंसानी शरीर आखिर कितना तापमान झेल सकता है? अगर तापमान 50 पार कर गया तो क्या होगा।

मानव शरीर का तापमान कितना होता है?

आमतौर पर मानव शरीर का तापमान 98.6 डिग्री फॉरेनहाइट (37°C) होता है। हालांकि, 100 डिग्री फॉरेनहाइट से अगर ज्यादा तापमान है तो मनुष्य को बुखार हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि मानव शरीर आराम से 40 डिग्री फॉरेनहाइट तक तापमान को सहन कर सकता है। इंग्लैंड के रोहेम्पटन विश्वविद्यालय में हुई एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हो चुका है।

40 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा तापमान होने पर मानव शरीर को दिक्कत होने लगती है और त्वचा से पानी का तेजी से वाष्पीकरण होने लगता है। ऐसे में शरीर को सामान्य तापमान को बरकरार रखने के लिए ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है। आसान शब्दों में कहें तो 40 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा तापमान होने पर हीट स्ट्रेस होने लगता है।

Heatwave

भीषण गर्मी से मचा हाहाकार

हीट स्ट्रेस क्यों होता है?

जब मानव शरीर भीषण गर्मी से छुटकारा पाने में असमर्थ होता है तो शरीर का तापमान बढ़ जाता है और धड़कनें तेज हो जाती हैं। इस वजह से हीट स्ट्रेस होता है। हालांकि, हमारा शरीर हाई ब्ल फ्लो और पसीने की मदद से तापमान को मेंटेन रखने की कोशिश करता है, परंतु इसकी भी अपनी एक सीमा होती है।

मेडिकल जर्नल लैंसेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौसम का तापमान का 50 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा हो गया तो मांसपेशियां जवाब देने लगती हैं और मानव शरीर को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बता दें कि मांसपेशियों के जवाब देने पर ऑर्गन फेल होने तक की नौबत आ सकती है और उन लोगों को तो ज्यादा ही खतरा रहता है, जो किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होते हैं या फिर उसका सामना कर रहे होते हैं।

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भीषण गर्मी से मचा हाहाकार

आसान शब्दों में कहें तो मानव शरीर बिना किसी परेशानी के 37 डिग्री फॉरेनहाइट तापमान को सह सकता है और 40 डिग्री फॉरेनहाइट भी सहा जा सकता है, लेकिन बीमार शरीर असहज हो सकता है। हालांकि, तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया यानी की 50 डिग्री फॉरेनहाइट को पार कर गया तो काफी परेशानियां हो सकती हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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