देश

हाइब्रिड खतरों और मल्टी-डोमेन युद्ध के दौर में तैयार रहें युवा अधिकारी...सेना कमांडर ने क्यों की ये अपील?

Indian Army News: नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए सेना कमांडर ने उनके समर्पण, अथक परिश्रम और अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसकी बदौलत उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वर्दी धारण की।

Image

हाइब्रिड खतरों और मल्टी-डोमेन युद्ध के दौर में तैयार रहें युवा अधिकारी...सेना कमांडर

Lieutenant General Dheeraj Seth: दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने कहा कि उभरती तकनीक, सूचना प्रभुत्व और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स भविष्य के युद्धक्षेत्रों को तेजी से बदल रहे हैं, जहां हाइब्रिड, निरंतर और अप्रत्याशित खतरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों से बौद्धिक रूप से चुस्त, तकनीकी रूप से जागरूक और संचालन के लिहाज से अनुकूलनशील बने रहने का आह्वान किया।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ शनिवार को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), गया में आयोजित विंटर टर्म पासिंग आउट परेड की समीक्षा के दौरान नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।

समारोह के दौरान SSC (टेक) पुरुष–64 कोर्स के 253 और SSC (टेक) महिला–35 कोर्स की 28 कैडेट्स सहित कुल 281 अधिकारी कैडेट्स भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त कर अधिकारी बने।

यह समारोह कठोर सैन्य प्रशिक्षण की सफल समाप्ति और भारतीय सेना में उनकी औपचारिक नियुक्ति का प्रतीक था। परेड ने इन कैडेट्स के प्रशिक्षु से अधिकारी बनने के गौरवपूर्ण परिवर्तन को दर्शाया, जिन्हें अब दुनिया की सबसे अनुभवी और युद्धक क्षमता वाली सेनाओं में से एक के सैनिकों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए सेना कमांडर ने उनके समर्पण, अथक परिश्रम और अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसकी बदौलत उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वर्दी धारण की। उन्होंने कहा कि परिवारों और प्रशिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन इन युवा अधिकारियों के व्यक्तित्व और संकल्प को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई

नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्र, सूचना प्रभुत्व और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स भविष्य के युद्धक्षेत्रों को नया रूप दे रहे हैं।

हालिया सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया, मल्टी-डोमेन क्षमताओं के प्रभावी समन्वय और निरंतर परिचालन श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा कि जटिल और अस्थिर वैश्विक तथा क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के बीच भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में सशस्त्र बलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

LEADER का क्या होता है अर्थ?

सेना कमांडर ने सैन्य नेतृत्व के कुछ स्थायी सिद्धांतों का भी उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने “LEADER” के रूप में समझाया -

L – Lead by Example (उदाहरण बनकर नेतृत्व करना),

E – Empathy for your Men (सैनिकों के प्रति सहानुभूति),

A – Accountability in Command (कमांड में जवाबदेही),

D – Duty Before Self (स्वयं से पहले कर्तव्य),

E – Ethical Conduct (नैतिक आचरण) और

R – Resilience in Adversity (विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता)

उन्होंने कहा कि ये मूल्य प्रत्येक अधिकारी के चरित्र, आचरण और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को दिशा देने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत होने चाहिए। युवा अधिकारियों से उन्होंने कहा कि वर्दी में नेतृत्व के लिए नैतिक साहस, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, दृढ़ता और विनम्रता आवश्यक है। उन्होंने उन्हें सैन्य नेतृत्व के उस कालातीत सिद्धांत की याद दिलाई - “देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सबसे पहले है - हर समय और हर परिस्थिति में।”

ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया में आयोजित यह विंटर टर्म पासिंग आउट परेड अनुशासन, सटीक ड्रिल और सैन्य परंपराओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। अकादमी भारतीय सेना के लिए तकनीकी रूप से दक्ष, शारीरिक रूप से सक्षम और नैतिक रूप से दृढ़ अधिकारियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है, जो सेवा, त्याग और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ समर्पण की सेना की परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article