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ग्वालियर में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया को काले झंडे दिखाने पर हंगामा, भाजपा के दो गुट आपस में भिड़े

Gwalior BJP Clash News: ग्वालियर के बेला की बावड़ी में कुशवाहा समाज के छात्रावास भूमिपूजन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाए गए।

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ग्वालियर में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया को काले झंडे दिखाने पर हंगामा, भाजपा के दो गुट आपस में भिड़े

Jyotiraditya Scindia Black Flags: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को कुशवाहा समाज के एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को काले झंडे दिखाए जाने पर हंगामा हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। हंगामे की स्थिति देखकर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और उपद्रव करने वाले कार्यकर्ताओं को वहां से हटाया तथा कुछ को हिरासत में ले लिया हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया।

दरअसल, ग्वालियर के बेला की बावड़ी स्थित कुशवाहा समाज के छात्रावास निर्माण का भूमिपूजन कार्यक्रम था और केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया इसमें मुख्य अतिथि थे।

दो गुट आपस में भिड़ गए

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार्यक्रम में सिंधिया ने जैसे ही भाषण देना शुरू किया, उसी दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि काले झंडे दिखाने का कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाने की कोशिश करने लगे और इस दौरान दोनों गुट आपस में भिड़ गए जबकि दोनों ही गुटों के कार्यकर्ता भाजपा के थे।

काले झंडे दिखाने वाले गुट के एक कार्यकर्ता ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जिस जमीन पर छात्रावास निर्माण का भूमिपूजन हो रहा है, वह यह जमीन कुशवाहा समाज के लोगों की है।

उसने कहा कि इसमें कुशवाहा समाज के अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों को भी बुलाना चाहिए था, भले ही वे किसी भी राजनीतिक दल के हों। कार्यक्रम में हालांकि मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित थे जबकि ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाहा को कथित तौर पर इसमें नहीं बुलाया गया था।

'बड़े नेताओं का मामला'

काले झंडे दिखाने का विरोध करने वाले कार्यकर्ता सिंधिया समर्थक बताए गए। उनका कहना था कि लोगों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया जो उचित नहीं था।

उन्होंने कहा कि इसलिए कार्यक्रम स्थल पर उनके इस कृत्य का विरोध किया गया और बाद में उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटा दिया गया। फिलहाल इस मारपीट और उपद्रव पर जब भाजपा के जिला पदाधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली और 'बड़े नेताओं का मामला' बताते हुए कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

पुलिस ने उपद्रव करने वालों को कार्यक्रम स्थल से हटा तो दिया लेकिन इस हंगामे के कारण कार्यक्रम में अप्रिय स्थिति बनी। हालांकि इसके बावजूद सिंधिया ने कार्यक्रम में अपना भाषण पूरा किया। पुलिस के आला अधिकारियों से जब इस पर टिप्पणी मांगी गई तो उन्होंने भी कुछ कहने से इंकार कर दिया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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