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विश्व टीबी दिवस (24 मार्च): देश में सबसे आगे गुजरात, नीति आयोग के टीबी उन्मूलन लक्ष्य का 95% किया हासिल

Gujarat becomes the Leading State: नीति आयोग के टीबी उन्मूलन लक्ष्य का 95% हासिल कर गुजरात देश में अग्रणी राज्य बना। साल 2024 में 1,37,929 टीबी रोगियों का पंजीकरण हुआ, तो वहीं 1,31,501 टीबी रोगियों का उपचार हुआ। वर्ष 2024 में 1,18,984 टीबी रोगियों को ₹43.9 करोड़ की आर्थिक मदद मिली। 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यान्वयन में गुजरात सबसे आगे है।

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नीति आयोग के टीबी उन्मूलन लक्ष्य का 95% हासिल कर देश में अग्रणी राज्य बना गुजरात।

World TB Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में गुजरात ने 2024 में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने टीबी पंजीकरण और उपचार सफलता के मामले में नीति आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 95% पूरा किया, जबकि उपचार पूर्णता दर 91% रही। गुजरात को 2024 में 1,45,000 टीबी रोगियों की पहचान और पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 1,37,929 टीबी रोगियों की सफल पहचान और पंजीकरण किया गया। इसके साथ ही, 1,24,581 रोगियों का सफलता पूर्वक उपचार पूरा हुआ, जिससे उपचार पूर्णता दर 90.52% दर्ज की गई। वहीं, इन पंजीकृत टीबी रोगियों में 1,31,501 टीबी रोगियों को भी उपचार की सुविधा दी गई है।

2024 में टीबी के रोगियों को उपचार के लिए दी गई ₹43.9 करोड़ की आर्थिक सहायता

टीबी के मरीज़ अपने नियमित इलाज के लिए प्रेरित हों और पैसे के अभाव में उनके इलाज में कहीं कोई भी समस्या न आए इसे सुनिश्चित करते हुए गुजरात सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के तहत दवाई के खर्च के लिए प्रति टीबी रोगी 500 रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। वर्ष 2024 में 1,18,984 टीबी रोगियों को ₹43.9 करोड़ की सहायता दी गई। उल्लेखनीय है कि टीबी रोगियों को दी जाने वाली इस आर्थिक मदद को केंद्र सरकार ने 1 नवंबर 2024 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया है।

10,682 निक्षय मित्रों का सहयोग, 3.49 लाख पोषण किटों का वितरण

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, गुजरात ने निक्षय पोर्टल पर 10,682 निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया और इनके माध्यम से 3,49,534 पोषण किट्स का वितरण किया गया। राज्य सरकार की यह पहल सुनिश्चित करती है कि टीबी मरीजों को सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि उचित पोषण भी मिले। इस क्षेत्र में गुजरात पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना है।

100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के कार्यान्वयन में गुजरात सबसे आगे

टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए, भारत सरकार ने 7 दिसंबर 2024 को "100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान" शुरू किया है। गुजरात ने इस अभियान के तहत अब तक 16 जिलों और 4 नगर निगमों को इस अभियान में शामिल कर लिया है। 20 मार्च 2025 तक, इस अभियान के तहत 35.75 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। इन व्यापक जांचों के परिणामस्वरूप, 16,758 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार भी शुरू कर दिया गया है।

टीबी मरीज़ों को और बेहतर सुविधा लिए लायंस क्ल्ब्स इंटरनेशनल के साथ MoU

राज्य के सभी टीबी मरीजों को उपचार के दौरान हर महीने पोषण किट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने हाल ही में 6 मार्च 2025 को लायंस क्लब इंटरनेशनल के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए है। इसके तहत टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें न्यूट्रिशन सपोर्ट प्रदान किया जाएगा। राज्यभर में मरीजों तक पोषण सहायता पहुंचाने के लिए लायंस क्लब इंटरनेशनल सक्रिय भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के प्रयास से टीबी मरीजों की रिकवरी रेट में और तेज गति से सुधार आएगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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