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World Environment Day 2023: वो छोटे-छोटे बदलाव, जिसे अपनाकर आप ला सकते हैं बड़े बदलाव; पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मिलेगी बड़ी मदद

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jun 5, 2023, 06:00 AM IST

World Environment Day 2023: एक रिपोर्ट के मुताबिक जो कचरा रोज घर से निकालते हैं उसमें 20 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं फूड वेस्ट का होता है। अगर हम इनसे खाद बना लें तो बड़ा फायदा हो सकता है। इसका उपयोग अपने गार्डेन और खेतों में कर सकते हैं।

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विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू करें पर्यावरण को बचाने की मुहीम (फोटो- Pixabay)

World Environment Day 2023: आज विश्व पर्यावरण दिवस है। आज जब दुनिया क्लाइमेंट चेंज से जूझ रही है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, वैसे में हमें उन रास्तों पर चलने की जरूरत है, जो दिखने में तो छोटे लगते हैं, लेकिन पर्यावरण बचाने के मामले में इन से बड़ी सहायता मिल सकती है। रोजमर्रा की जिंदगी में हम कुछ बदलाव लाकर, पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद कर सकते हैं।

सिंग यूज प्लास्टिक को ना कहें

रोजमर्रा की जिंदगी में हमलोग कई सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी चीजों का प्रयोग करते हैं। जैसे पॉलीथीन, गुब्बारे में लगी प्लास्टिक स्टीक, टॉपी में लगी प्लास्टिक स्टीक, आइसक्रीम में लगी प्लास्टिक की डंडी, थर्मोकॉल के सजावटी सामान, प्लेट, कप, ग्लास, कांटे, चम्मच, स्ट्रॉ, ट्रे...ऐसी कई चीजें हैं, जो सिंगल यूज प्लास्टिक के अंदर आते हैं। इन्हें एक बार यूज करके फेंक दिया जाता है। ऐसे देखने में तो यह सरल है, लेकिन इससे पर्यावरण पर काफी असर पड़ता है। अगर हम इनका यूज बंद कर दें तो पर्यावरण को स्वच्छ रखने में बहुत मदद मिलेगी।

लोकल प्रोडक्ट्स पर फोकस

इसके अलावा इंपोर्टेड प्रोडक्स की जगह लोकल प्रोडक्टों पर फोकस करें। उसका ही यूज करें। इससे पर्यावरण को बहुत फायदा हो सकता है। लोकल प्रोडक्ट्स खरीदे का मतलब है- कम ट्रांसपोर्टेशन, जिससे ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के दौरान जो पर्यावरण को नुकसान करने वाली चीजें होती हैं, उससे भी बचा जा सकता है।

फूड वेस्ट से बनाएं खाद

हर घर में लगभग रोज फूड वेस्ट होता है- जैसे सब्जियों के छिलके, फल के छिलके और अन्य पदार्थ। एक रिपोर्ट के मुताबिक जो कचरा रोज घर से निकालते हैं उसमें 20 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं फूड वेस्ट का होता है। अगर हम इनसे खाद बना लें तो बड़ा फायदा हो सकता है। इसका उपयोग अपने गार्डेन और खेतों में कर सकते हैं।

पेड़ लगाएं

जितना संभव हो उतना पेड़-पौधे लगाएं। खुशी के मौकों पर एक पेड़ अथवा पौधे लगाने की मुहीम शुरू करें। आज की तारीख में शहरों में औद्योगीकरण और रियाईशी इलाकों के विस्तार ने पेड़-पौधों का बड़ा नुकसान किया है। शहरों में इनकी संख्या काफी कम हो गई है। इसलिए जब मौका मिले, पेड़-पौधे लगाने की कोशिश करें।

सार्वजनिक परिवहन और हरित उर्जा का प्रयोग करें

रोजमर्रा की जिंदगी में जितना संभव हो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। इससे कई तरह के प्रदूषणों में कटौती होगी। तेल की कम खपत होगी। सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा, शोर कम होगा, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों में कटौती होगी। साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करें। घरों में संभव हो तो कुछ जरूरतों के लिए सौर उर्जा का प्रयोग करें।

पानी बचाएं

इसके अलावा जितना संभव हो पानी को बचाने पर ध्यान फोकस करें। वर्षा जल के संचयन करें। घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं ताकि बारिश वाली पानी को संरक्षित किया जा सके।

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शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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