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आज लोकसभा में होगी महिला आरक्षण बिल पर चर्चा;पीएम मोदी करेंगे संबोधित,बताएंगे रोडमैप

Women's Reservation Bill: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।

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महिला आरक्षण विधेयक।

केंद्र सरकार आज यानी गुरुवार को महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा को संबोधित भी करेंगे। लोकसभा में बोलते हुए वे सांसदों के सामने इस विधेयक को लागू करने का विस्तृत रोडमैप पेश कर सकते हैं। संसदीय सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन की समय-सीमा, परिसीमन प्रक्रिया और आगामी जनगणना से जुड़े पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।

पीएम मोदी करेंगे संबोधित

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि महिला आरक्षण संशोधन बिल पर 16 अप्रैल को लोक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi on Women Reservation) बोलेंगे। पीएम मोदी सरकार के ऐतिहासिक कदम और महिला आरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण संशोधन बिलों पर चर्चा का जवाब देंगे। लोक सभा में सोलह और सत्रह अप्रैल को चर्चा होगी और 17 अप्रैल को लोकसभा में वोटिंग होगी।

लोक सभा में महिला आरक्षण बिलों के लिए 18 घंटे का समय

लोक सभा में महिला आरक्षण बिलों के लिए 18 घंटे का समय रखा गया है। राज्य सभा में 18 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग होगी।राज्य सभा में दस घंटे का समय रखा गया है। राज्य सभा में सोलह और सत्रह अप्रैल को उपसभापति का चुनाव होगा।

विपक्ष विरोध में

वहीं, विपक्ष इस विधेयक का विरोध करने का फैसला लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्ष इसका विरोध करने की तैयारी में है। विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास कई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई जिसमें यह फैसला किया गया कि इसके परिसीमन से संबंधित प्रावधानों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू किया जाए।

पीएम मोदी ने कही थी ये बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के पूर्ण रूप से लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा। देश की महिलाओं को लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह भी कहा था कि जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगी तब विकसित भारत की यात्रा और अधिक सशक्त एवं तेज होगी।

इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है। संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों की संख्या के दो तिहाई के समर्थन की जरूरत होती है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास लोकसभा में फिलहाल यह आकड़ा उपलब्ध नहीं है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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