Morbi Bridge Collapse case : मोरबी ब्रिज ढहने पर अब सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी दल निशाना साधना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बुधवार (02 नवबर 2022) को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या मोरबी की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ ED और CBI कार्रवाई कर रहे हैं? साथ ही उन्होंने कहा कि वे सिर्फ आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैं पीएम के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी क्योंकि यह उनका राज्य है। मैं राजनीति के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी।
ममता ने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी क्योंकि लोगों की जिंदगी राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं संवेदना व्यक्त करती हूं। बहुत लोगों की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं। मोरबी की घटना की जांच के लिए SC के तहत एक न्यायिक आयोग बनाया जाना चाहिए।
उधर गुजरात पुलिस ने सोमवार को नौ लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में मामला दर्ज किया। अदालत ने जिन चार लोगों को पुलिस हिरासत में भेजा है उनमें ओरेवा के प्रबंधक दीपक पारेख और दिनेश दवे, मरम्मत का काम करने वाले ठेकेदार प्रकाश परमार और देवांग परमार शामिल हैं।
मोरबी में केबल पुल हादसे के सिलसिले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया। जिनमें से 4 लोगों को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने मंगलवार को पुलिस हिरासत में जबकि अन्य 5 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने पुल की मरम्मत के लिए जिम्मेदार कंपनी ओरेवा ग्रुप के दो प्रबंधकों और दो सब-कांट्रैक्टर को शनिवार तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा गार्ड और टिकट बुक करने वाले क्लर्क सहित गिरफ्तार 5 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है क्योंकि पुलिस ने उनकी हिरासत नहीं मांगी थी। इस संबंध में अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को अदालत को बताया कि मोरबी के केबल पुल की मरम्मत का काम जिन ठेकेदारों ने किया, उनके पास इसको करने की योग्यता नहीं थी।
रविवार की शाम में यह पुल गिरने से अभी तक 135 लोगों की मौत हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि पुल की फ्लोरिंग को बदल दिया गया था लेकिन उसके तार नहीं बदले गए थे और वह (पुराने तार) नई फ्लोरिंग का वजन नहीं उठा सके।
