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मोरबी के आरोपियों के खिलाफ ED, CBI की कार्रवाई होगी? ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर कसा तंज

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  • Updated Nov 2, 2022, 03:57 PM IST

मोरबी पुल (Morbi Bridge) गिरने को लेकर सियासत भी होने लगी है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या मोरबी की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई होगी? हालांकि उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगी क्योंकि लोगों की जिंदगी राजनीति से अधिक महत्वपूर्ण है।

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी

Photo : ANI

Morbi Bridge Collapse case : मोरबी ब्रिज ढहने पर अब सियासत भी तेज हो गई है। विपक्षी दल निशाना साधना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बुधवार (02 नवबर 2022) को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या मोरबी की घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ ED और CBI कार्रवाई कर रहे हैं? साथ ही उन्होंने कहा कि वे सिर्फ आम लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैं पीएम के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी क्योंकि यह उनका राज्य है। मैं राजनीति के बारे में कुछ नहीं बोलूंगी।

ममता ने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी क्योंकि लोगों की जिंदगी राजनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं संवेदना व्यक्त करती हूं। बहुत लोगों की मौत हो चुकी है और कई अब भी लापता हैं। मोरबी की घटना की जांच के लिए SC के तहत एक न्यायिक आयोग बनाया जाना चाहिए।

उधर गुजरात पुलिस ने सोमवार को नौ लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) में मामला दर्ज किया। अदालत ने जिन चार लोगों को पुलिस हिरासत में भेजा है उनमें ओरेवा के प्रबंधक दीपक पारेख और दिनेश दवे, मरम्मत का काम करने वाले ठेकेदार प्रकाश परमार और देवांग परमार शामिल हैं।

मोरबी में केबल पुल हादसे के सिलसिले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया। जिनमें से 4 लोगों को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने मंगलवार को पुलिस हिरासत में जबकि अन्य 5 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। कोर्ट ने पुल की मरम्मत के लिए जिम्मेदार कंपनी ओरेवा ग्रुप के दो प्रबंधकों और दो सब-कांट्रैक्टर को शनिवार तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा गार्ड और टिकट बुक करने वाले क्लर्क सहित गिरफ्तार 5 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है क्योंकि पुलिस ने उनकी हिरासत नहीं मांगी थी। इस संबंध में अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को अदालत को बताया कि मोरबी के केबल पुल की मरम्मत का काम जिन ठेकेदारों ने किया, उनके पास इसको करने की योग्यता नहीं थी।

रविवार की शाम में यह पुल गिरने से अभी तक 135 लोगों की मौत हुई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि पुल की फ्लोरिंग को बदल दिया गया था लेकिन उसके तार नहीं बदले गए थे और वह (पुराने तार) नई फ्लोरिंग का वजन नहीं उठा सके।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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