Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने श्रमिकों और किसानों के भविष्य से संबंधित फैसला लेते समय उनकी आवाजों को अनदेखा किया है। राहुल ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब उनकी बात सुनेंगे या वह किसी की जकड़ में हैं। राहुल का मोदी सरकार पर यह हमला उनके उस आरोप के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को पूरी तरह से आत्मसमर्पण बताया था और कहा था कि इसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई और किसानों के हितों से समझौता किया गया।
लाखों मजदूर और किसानों के अधिकारों पर चोट
एक्स पर एक पोस्ट में राहुल ने कहा, आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक की आवाज बुलंद करने सड़कों पर हैं। मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएं उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी। किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा। और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आखिरी सहारा भी छिन सकता है। जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज को नजरअंदाज किया गया। राहुल ने कहा, क्या मोदी जी अब सुनेंगे? या उन पर किसी तरह की पकड़ इतनी मजबूत हो गई है? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और संघर्षों के साथ मजबूती से खड़ा हूं।
संसद में मार्शल आर्ट का दिया उदाहरण
बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर बहस के दौरान राहुल ने मोदी सरकार पर तीखे हमले करते हुए दावा किया कि भाजपा की वित्तीय संरचना की रक्षा के लिए व्यापार समझौते के तहत भारतीय हितों को सौंप दिया गया है। भारत-अमेरिका समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए, राहुल ने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक पकड़ मजबूत करने के बाद अगला कदम गला घोंटना होता है, जिसके बाद प्रतिद्वंद्वी हार मान लेता है। राहुल ने देश की जनता, डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा प्रणाली की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर भारत-समर्थक सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत की होती, तो वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहती कि उन्हें भारत के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।
