क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) 2024 के आम चुनाव के लिए मोदी के खिलाफ चक्रव्यूह बनाने में जुटे हुए हैं। मोदी के सामने नीतीश विपक्ष का चेहरा बनेंगे या फिर नीतीश के मन में चल रहे अरमान ...अरमान ही रह जाएंगे? दरअसल नीतीश कुमार ने कल एक बयान दिया और कहा कि 2025 में महागठबंधन की कमान तेजस्वी यादव के हाथों में होगी भले ही नीतीश जुबान पर बार-बार यही बोलते हैं कि वो पीएम पद के उम्मीदवार नहीं है लेकिन नीतीश के मन में क्या चल रहा है? नीतीश बिहार की कमान तेजस्वी को देकर क्या दिल्ली की गद्दी का सपना देख रहे हैं? अगर ऐसा है तो क्या नीतीश विपक्ष को एकजुट भी कर पाएंगे आज इस मुद्दे पर बहस करेंगे लेकिन पहले आपको नीतीश का वो बयान सुनाते हैं।
नीतीश कुमार के इस बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। बीजेपी का आरोप है कि नीतीश की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है आरजेडी का कहना है कि तेजस्वी डिप्टी सीएम है और आगे कमान संभाल सकते हैं। बीजेपी के खिलाफ कई बार विपक्ष ने गोलबंदी की लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल पाई है। कई मोर्चे बने लेकिन बीजेपी का तोड़ नहीं निकाल पाए। विपक्ष की एकजुटता के दावे तो अब भी बार बार किए जा रहे हैं। विपक्षी दल कह रहे हैं कि बीजेपी के खिलाफ सबको एकजुट होना पड़ेगा। विपक्षी दलों की ओर से बार बार बयान सामने आ रहे हैं कि सब एकजुट हो गए तो बीजेपी को 2024 में हरा देंगे लेकिन जमीनी हकीकत क्या है? जितने एकजुटता के दावे किए जा रहे हैं उतने ही प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। ऐसे में आज कुछ अहम सवालों का जवाब जानना जरूरी है
- विपक्षी एकता के दावों में कितना दम ?
- क्या कम्युनिस्ट और ममता एक मंच पर आएंगे?
- क्या केरल में लेफ्ट और कांग्रेस एक हो जाएगी ?
- क्या फिर से मायावती और अखिलेश एक हो जाएंगे ?
- क्या जेडीएस और कांग्रेस एक हो पाएंगे ?
- क्या केजरीवाल कांग्रेस से फिर हाथ मिलाएंगे ?
- यूपी में SP-BSP के एक होने से क्या हुआ ?
प्रधानमंत्री मोदी की आज एक अलग छवि है। जबरदस्त लोकप्रियता है लेकिन विपक्ष के पास उनकी तोड़ का नेता कौन है। बंगाल मॉडल, दिल्ली मॉडल, परिवार मॉडल सब मोदी के सामने अभी टिक नहीं पा रहे हैं। 2024 के आम चुनाव से पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं ये चुनाव 2024 के लिए सेमीफाइनल साबित होंगे लेकिन क्या इन चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी लहर सामने आएगी या फिर विपक्षी एकजुटता ये तो वक्त बताएगा।
आज इस मुद्दे पर बहस करें उससे पहले एक तस्वीर देखनी चाहिए आपको - ये तस्वीर बिहार विधानसभा की है। छपरा में जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत के बाद बीजेपी ने विधानसभा में ये मुद्दा उठाया और शराबबंदी पर नीतीश सरकार को घेरा, तो नीतीश गुस्से में आग बबूला हो गए ..बीजेपी आरोप लगा रही है कि नीतीश को डर लग रहा है कि तेजस्वी कहीं उन्हें बीच में ना हटा दें इसलिए नीतीश बौखलाए हैं।
ऐसे में आज के सवाल हैं
मोदी से टक्कर के लिए 'नीतीश की ढाई चाल'..तेजस्वी मोहरा ?
मन में 'कुर्सी' जुबां पर तेजस्वी..2024 के लिए यही 'रणनीति' ?
अखिलेश,ममता सबका 'सरेंडर'..2024 नीतीश Vs मोदी होगा ?
क्या विपक्ष को नीतीश कुमार 'कबूल' हैं ?
