19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर पुरानी संसद का आखिरी दिन रहा, इस मौके पर सेंट्रल हॉल में विदाई का प्रोग्राम रखा गया था, जिसके बाद पीएम मोदी और अन्य सांसद नए संसद भवन पहुंचे। इससे पहले सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट ने महिला आरक्षण बिल को मंजूरी दे दी। इसी बीच कंगना रनौत भी नए संसद भवन पहुंचीं, जिसका वीडियो सामने आया है।
कंगना दिल्ली में उस उद्घाटन समारोह में आई थीं जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में है । भारत को आज नई संसद मिली । महिला आरक्षण बिल पेश करने से पहले आज पुरानी संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री ने 75 सालों की बात की , उन्होंने पुरानी संसद को नया नाम भी दिया वहीं 'कंगना रनौत' से 'टाइम्स नाउ नवभारत' की एडिटर इन चीफ 'नाविका कुमार' ने कई मुद्दों पर बेवाकी से बातचीत की...
कंगना रनौत ने कहा- 'जो पिछड़ों को आगे बढ़ाता है वो लिबरल कहलाता है, इस हिसाब से तो पीएम मोदी से बड़ा लिबरल कोई है ही नहीं'
नई संसद का इससे बेहतर आगाज क्या हो सकता था ? जो सपना 27 साल से अटका हुआ है उसे साकार करने के लिए श्रीगणेश नई संसद में हुआ है।नई संसद का पहला बिल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 1 तिहाई आरक्षण देने का है।देश की राजनीति में महिलाओं को पक्की भागीदारी देने के लिए मोदी सरकार ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पेश कर दिया है।
महिला आरक्षण का ये बिल 128वां संविधान संशोधन बिल है, इसमें 15 साल के लिए 33% महिला आरक्षण का प्रावधान है लेकिन जब ये बिल इस मुकाम पर पहुंचा है कि उसके पास होने में कोई संकट नहीं तो होड़ मच गई है क्रेडिट लेने की।
अगर 2024 में ही महिला आरक्षण लागू होता तो क्या ये आरोप नहीं लगता कि राजनीतिक दलों को तैयारी का मौका ही नहीं दिया गया ? कांग्रेस ने अपना तेवर आज ही दिखा दिया, बिल जब पेश हुआ तो व्यवधान पैदा किया, ड्रामा किया, सोनिया गांधी जी स्वयं सदन से बाहर रहीं, राहुल गांधी जी पीठ दिखाकर चले गए।
