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कोलकाता मेट्रो को मिली बड़ी सफलता, पर्पल लाइन पर TBM 'दुर्गा' ने सुरंग का काम किया पूरा

Kolkata Metro: टनल बोरिंग मशीन ने कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर खिदिरपुर से विक्टोरिया के बीच भूमिगत सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस सुरंग की खुदाई 10 जुलाई 2025 को शुरू हुई थी।

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TBM दुर्गा ने सुरंग का काम किया पूरा

Photo : Times Now Digital

Kolkata Metro: कोलकाता मेट्रो ने अपने विस्तार परियोजना में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गुरुवार को टनल बोरिंग मशीन (TBM) 'दुर्गा' ने पर्पल लाइन पर खिदिरपुर (Khidderpore) से विक्टोरिया (Victoria) के बीच भूमिगत सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इस सफलता के साथ जोका-एस्प्लेनेड (Joka-Esplanade) मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को नई गति मिली है।

कब शुरू हुआ था सुरंग का काम?

इस सुरंग की खुदाई 10 जुलाई 2025 को शुरू हुई थी और लगभग एक साल बाद इसका काम पूरा हुआ है। यह उपलब्धि आधुनिक इंजीनियरिंग, सटीक योजना और सभी एजेंसियों के बेहतर समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है। खास बात यह रही कि सुरंग निर्माण के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा गया तथा शहर के सामान्य यातायात पर बहुत कम असर पड़ा।

जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर बनने के बाद दक्षिण कोलकाता का शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों से सीधा और तेज संपर्क होगा। इससे यात्रा का समय कम हो जाएगा, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

पिछले 50 दिनों में कोलकाता मेट्रो ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। हाल ही में कवि सुभाष-एयरपोर्ट (ऑरेंज लाइन) पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे वायाडक्ट गैप को भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे उस परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई।

रेल मंत्री ने यात्रियों से की थी बात

कुछ दिन पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कोलकाता मेट्रो की विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया था। उन्होंने जय हिंद बिमानबंदर स्टेशन से नोआपारा स्टेशन तक मेट्रो में सफर कर यात्रियों से बातचीत की और सेवाओं पर उनकी राय जानी। इसके अलावा उन्होंने चिंगड़ीघाटा परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गति की सराहना की।

60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनें होंगी शामिल

रेल मंत्री ने बताया कि अगले 4 से 5 वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए लगभग 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनें शामिल की जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 के बाद कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन शुरू की गई है, जबकि 2014 से पहले केवल 28 किलोमीटर नेटवर्क तैयार हुआ था।

टीबीएम 'दुर्गा' की यह सफलता कोलकाता मेट्रो परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है, जिससे शहर में बेहतर, तेज़ और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन का सपना और करीब आ गया है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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