लंदन: क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले विश्वविख्यात लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में शुक्रवार को नया इतिहास रचा गया। 142 साल के इतिहास में पहली बार लॉर्ड्स के मैदान पर महिला क्रिकेट टीम टेस्ट मैच खेलने उतरीं। मेजबान इंग्लैंड और भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक मैदान पर इतिहास के पन्ने पर साझा दस्तखत किए। इस पल का गवाह बनने इंग्लैंड की कई पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी लॉर्ड्स पहुंची। इस अवसर पर अनोखी बेल सेरेमनी का भी आयोजन किया गया।
पांच मिनट तक पूर्व खिलाड़ियों ने बजाई बेल
किसी भी मुकाबले से पहले लॉर्ड्स के मैदान पर बेल बजाई जाती है। सालों से चल रही ये परंपरा गुरुवार को अनोखे रूप में नजर आई। इंग्लैंड की पूर्व महिला क्रिकेटरों ने दोनों देशों के राष्ट्रगान से पहले बीच मैदान पर पांच मिनट तक बेल बजाई। परंपरागत रूप से मैदान के बाहर लगी बेल किसी पूर्व खिलाड़ी या विशिष्ट व्यक्ति द्वारा मैच से पहले बजाई जाती है लेकिन लॉर्ड्स में खेले पहले महिला टेस्ट के लिए बेल सेरेमनी का आयोजन बीच मैदान पर किया गया।
लॉन्ग रूम में मेंबर्स ने दोनों टीमों का किया अभिवादन
दोनों टीमों की खिलाड़ी जब राष्ट्रगान के लिए मैदान पर जा रहीं थी उस वक्त लॉन्ग रूम में एमसीसी के मेंबर्स ने खड़े होकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों का ताली बजाकर अभिवादन किया। मैच में खेल रही इंग्लिश और भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर इतिहास रचने और उसका गवाह बनने की खुशी साफ दिखाई रही थी।
श्रीचरिणी ने किया टेस्ट डेब्यू
इंग्लैंड की कप्तान नेट सीवर ब्रंट ने इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय खिलाड़ी श्रीचरिणी के लिए यह मुकाबला और भी यादगार बन गया। उन्होंने इस मुकाबले के साथ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। श्रीचरिणी को मैच से पहले डेब्यू कैप उपकप्तान स्मृति मंधाना ने दी। वो भारत के टेस्ट क्रिकेट खेलने वाली 99वीं महिला क्रिकेटर बनीं।
