पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पहले भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, इसके बाद जब बचाव में पाक सेना उतरी तो उसे भी धूल चटा दिया था, जिसके बाद संघर्षविराम के बाद ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने फिलहाल के लिए रोक दिया। इस फैसले को लेकर सरकार की विपक्ष लगातार आलोचना कर रहा है, विपक्ष का कहना है कि जब पाकिस्तान घुटनों पर आ चुका था तो फिर हमने संघर्ष विराम क्यों किया? इसी सवाल का जवाब अब वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह ने जवाब दे दिया है।
क्या बोले वायुसेना प्रमुख
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा- "इस युद्ध में लोग अपने अहंकार पर उतर आए... एक बार जब हमने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया, तो हमें रुकने के सभी अवसर तलाशने चाहिए थे... मेरे कुछ बहुत करीबी लोगों ने कहा, 'और मरना था'। लेकिन क्या हम युद्ध जारी रखना सही होता?... राष्ट्र ने एक अच्छा निर्णय लिया।"
वायुसेना ने कहा-कहां किया था अटैक
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराने की पुष्टि की है। उन्होंने इसे भारत द्वारा सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बताया। एयर चीफ मार्शल एल.एम. कात्रे स्मृति व्याख्यान के 16वें संस्करण के दौरान वायुसेना प्रमुख ने कहा, “ हमें उस एडब्ल्यूसी हैंगर में कम से कम एक एडब्ल्यूसी तथा कुछ एफ-16 विमानों के होने का संकेत मिला है, जिनका वहां रखरखाव किया जा रहा है। हमारे पास कम से कम पांच लड़ाकू विमानों के मारे जाने की पुष्ट जानकारी है और एक बड़ा विमान है, जो या तो विमान हो सकता है या फिर एडब्ल्यूसी (एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम), जिसे लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया। यह वास्तव में सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है, जो हमने हासिल किया है।”
