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China Lockdown के दौरान याद आए Bappi Lahiri, इस गाने ने नाराज लोगों को किया मुरीद

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  • Updated Nov 1, 2022, 01:27 PM IST

चीन में इस गाने को लोगों ने अपने हिसाब से मैंडरिन (Mandarin) में रीक्रिएट किया और "Jie mi, jie mi" कह कर गाया। दरअसल, इसका मतलब "मुझे चावल दो, मुझे चावल दो" होता है। लोग इन वीडियोज़ में खाली बर्तन लेकर गाने के बोल के साथ लिपसिंग करते और गाते नजर आ रहे थे।

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भारत में 'डिस्को म्यूजिक' में नया धमाल और कमाल करने वाले बप्पी लहरी गोल्ड के काफी शौकीन थे। (फाइलः IANS/AP)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

बॉलीवुड (Bollywood) के दिवंगत सिंगर बप्पी लहरी (Bappi Lahiri) का जिम्मी-जिम्मी (Jimmy, Jimmy) गाना चीन (China) में लोगों के लिए कोविड लॉकडाउन (Covid 19-Lockdown) विरोध का नया एंथम बन गया है। टिकटॉक (TikTok) से लेकर यूट्यूब (Youtube) और टि्वटर (Twitter) सरीखे कुछ और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर लोगों ने कई वीडियो बनाकर अपलोड किए, जिनमें वे बप्पी दा के इसी गीत पर थिरक कर बेहद कठोर जीरो-कोविड पॉलिसी पर अपना विरोध जाहिर कर रहे थे।

चीन में इस गाने को लोगों ने अपने हिसाब से मैंडरिन (Mandarin) में रीक्रिएट किया और "Jie mi, jie mi" कह कर गाया। दरअसल, इसका मतलब "मुझे चावल दो, मुझे चावल दो" होता है। लोग इन वीडियोज़ में खाली बर्तन लेकर गाने के बोल के साथ लिपसिंग करते और गाते नजर आ रहे थे। वे एक तरह से इन क्लिप्स के जरिए यह बतलाना चाह रहे थे कि लॉकडाउन के दौरान वह कैसे एक-एक कौर के लिए मोहताज हो गए। लॉकडाउन में उनके घरों में खाने तक को कुछ न बचा। ऐसा कर वे सरकार को संदेश देना चाहते थे कि सरकार कड़े प्रतिबंध हटा दे।

देखें, किस कदर बप्पी दा के इस गीत को लोग इस दौर में एक "नेशनल प्रोटेस्ट एंथेम" के तौर पर इस्तेमाल करने लगे:

डिस्को डांसर फिल्म के लिए लहरी का कंपोज किया यह गाना पार्वती खान ने गाया था, जिस पर तब मिथुन चक्रवर्ती ने डांस किया था। और, यह है ओरिजिनल गाना, जिसमें एक्टर मिथुन चक्रवर्ती नजर आए थेः

दरअसल, देश में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी और वहां के नेता शी जिनपिंग ने पिछले महीने संकेत दिए थे कि वहां की जीरो कोविड पॉलिसी में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि यह लोगों की जंग है, ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके। हाल के दिनों में वहां पर समूचे देश में करीब 200 लॉकडाउन लागू किए गए।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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