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Watch Video: बागेश्वर धाम सरकार पर सवाल उठाने वाले श्याम मानव आखिर किसका मोहरा हैं?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 21, 2023, 10:56 PM IST

बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) पर चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगाने वाले अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के फाउंडर श्याम मानव आखिर किसका मोहरा बने हैं।

बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) पर चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप पर हंगामा मचा है। पूरे देश की नजरें इस विवाद पर टिकी हैं। ये विवाद जिस शख्स के आरोप लगाने के बाद शुरू हुआ है। उनका नाम है श्याम मानव। जो अपनी पहचान अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (Andhashraddha Nirmulan Samiti) के फाउंडर के तौर पर देते हैं। श्याम मानव अंधविश्वास के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने का दावा करते हैं। लेकिन उनके इन दावों पर सवाल उठते दिखे। जब हमने उनके यूट्यूब चैनल का रुख किया। खुद श्याम मानव जिस तरह के दावे करते दिखे।

उस पर कई सवाल उठने लगे। उनके यूट्यूब चैनल के थंबनेल्स को देखकर आपके मन में भी यही सवाल उठेंगे कि श्याम मानव अंधश्रद्धा निर्मूलन का जो अभियान चलाते हैं। उसमें सिर्फ हिंदू धर्म से जुड़े चेहरों का इस्तेमाल क्यों किया जाता है? ईसाई और मुस्लिम धर्म के चेहरों के इस्तेमाल से वो क्यों बचते हैं? इसलिये सवाल उठ रहा है कि श्याम मानव का चेहरा आखिर किसका मोहरा है? श्याम मानव किसके इशारे पर सनातन को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं। ये सवाल बागेश्वर धाम सरकार ने भी उठाया है।

श्याम मानव ने तैंतीस कोटि हिंदू देवी देवताओं पर तंज कसा। ये कहते हुए कि उनकी संख्या करोड़ों में हैं। हर ऐरा गैरा चीज को भी हिंदू भगवान मान लेते हैं। जबकि हकीकत ये है कि हिंदू धर्मग्रंथ में बताया गया है कि तैंतीस कोटि देवी देवता का मतलब 33 तरह के देवी देवता। हम आपको स्क्रीन पर दिखाते हैं। तैंतीस कोटि देवताओं का रहस्य...कौन कौन से हैं ये देवता..हम उसका हिसाब गिनाते हैं।

अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति चलाने वाले श्याम मानव ने बागेश्वर धाम सरकार पर चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप तो लगाया ही यहां तक दावा कर डाला कि महाराष्ट्र की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी से बचाने में मदद की जबकि बागेश्वर धाम सरकार उनके आरोपों को ये कहकर खारिज कर चुके हैं।

कि मेरे नागपुर से लौटने के बाद मेरे खिलाफ जानबूझकर अभियान छेड़ा गया। प्रचारित किया गया कि राष्ट्रीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के डर से मुझे नागपुर छोड़कर भागना पड़ा। श्याम मानव ने तीस लाख रुपये कैश का जो चैलेंज दिया है। बागेश्वर धाम सरकार ने कबूल कर लिया है। उन्हें रायपुर दरबार में आने का न्यौता दिया है लेकिन श्याम मानव इससे कन्नी काट रहे हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सवाल उठाया धर्मांतरण में लगी ईसाई मिशनरियों के इशारे पर मुझे निशाना बनाया जा रहा है। सवाल ये है कि क्या श्याम मानव का कनेक्शन भी क्या इससे जुड़ता है? इसकी पड़ताल करेंगे लेकिन उससे पहले बड़ा सवाल ये कि श्याम मानव के निशाने पर हिंदू आस्था ही क्यों है? ईसाई और मुस्लिम आस्था के मुद्दे पर उनकी जुबान क्यों बंद हो जाती है?

आपको बता दें कि सिर्फ बागेश्वर धाम सरकार की चुनौती ही नहीं, इससे पहले पंडोखर सरकार और सदगुरू जग्गी वासुदेव को चैलेंज देकर श्याम मानव कन्नी काट चुके हैं। सवाल ये है कि आखिर श्याम मानव क्यों सनातन धर्म से जुड़े चेहरों को लगातार चैलेंज करते हैं। उन पर आस्था के नाम पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हैं और विवाद गरमाते ही कन्नी काट जाते हैं।

श्याम मानव के यूट्यूब चैनल के थंबनेल बताते हैं। कि उनकी सोच किससे प्रेरित है वो कांग्रेस के करीबी दिखते हैं। श्याम मानव यहां तक दावा करते हैं कि राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा का आइडिया देने का दावा करते हैं और हिंदू संतों के दरबार में मोदी सरकार के मंत्रियों के जाने पर सवाल उठाते हैं।

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