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BJP का अगला अध्यक्ष कौन? पीएम मोदी की मौजूदगी में संगठनात्मक फेरबदल को लेकर हुई चर्चा; जानिए खास बातें

संगठनात्मक फेरबदल और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा के लिए भाजपा ने अहम बैठक की। सूत्रों ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने की चुनाव प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद कभी भी शुरू हो सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जनवरी में होना था। हालांकि, अप्रैल आधा बीत जाने के बाद भी यह लंबित है।

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BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर मंथन जारी।

Next President of BJP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पार्टी के संगठनात्मक चुनावों को लेकर बुधवार को दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की अहम बैठक हुई। प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष शामिल हुए।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगामी चुनाव पर हुई चर्चा

इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगामी चुनाव पर चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की घोषणा एक सप्ताह के भीतर की जा सकती है। राष्ट्रीय नेतृत्व पर विचार-विमर्श के अलावा बैठक में राज्य स्तर पर संगठनात्मक बदलावों पर भी चर्चा हुई।

इस सप्ताह के अंत तक बीजेपी पांच राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकती है, इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष के नाम के बाद बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए कब होगा चुनाव?

सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के लिए भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्षों के नामों पर चर्चा हुई। पार्टी अगले दो से तीन दिनों में करीब आधा दर्जन राज्य इकाई अध्यक्षों की घोषणा कर सकती है। संगठनात्मक फेरबदल से आगामी चुनावों से पहले भाजपा की चुनावी रणनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों ने कहा, 'भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने की चुनाव प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद कभी भी शुरू हो सकती है।'

आम तौर पर तीन साल का होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल

राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जनवरी में होना था। हालांकि, अप्रैल आधा बीत जाने के बाद भी यह लंबित है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि देरी एक ऐसे नेता के सावधानीपूर्वक चयन के कारण हुई है जो संगठन को और मजबूत कर सके।

जनवरी 2020 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे जेपी नड्डा ने अगले नेतृत्व चरण के लिए सुचारू संक्रमण और उचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए अपना कार्यकाल तीन साल की सीमा से आगे बढ़ाया था। भाजपा संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल आम तौर पर तीन साल का होता है, जिसे पार्टी के भीतर आम सहमति से चुना जाता है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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