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कौन हैं कोलकाता के DCP शांतनु सिन्हा, जबरन वसूली मामले में ED ने किया अरेस्ट, ममता के हैं चहेते

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सोना पप्पू नेटवर्क से जुड़े कथित रूप से भूमि हड़पने, जबरन वसूली और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शांतनु सिन्हा विश्वास से पूछताछ की गई। उन्होंने बार-बार सीधे जवाब देने से परहेज किया और जांच में सहयोग नहीं किया।'

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शांतनु सिन्हा बिस्वास।

Photo : Twitter

Who is Shantanu Sinha : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा विश्वास कथित धोखाधड़ी और जबरन वसूली से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि यहां एजेंसी के कार्यालय में 10 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद विश्वास को गिरफ्तार किया गया। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सोना पप्पू नेटवर्क से जुड़े कथित रूप से भूमि हड़पने, जबरन वसूली और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में शांतनु सिन्हा विश्वास से पूछताछ की गई। उन्होंने बार-बार सीधे जवाब देने से परहेज किया और जांच में सहयोग नहीं किया।' शांतनु पूर्व सीएम ममता बनर्जी के चेहते अफसरों में शामिल हैं।

ED ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था।

उन्होंने कहा, 'इकट्ठा किये गये सबूतों और पूछताछ के दौरान उनके आचरण के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।' वर्तमान में कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात विश्वास आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कई बार समन की अवहेलना करने के बाद एजेंसी के समक्ष पेश हुए। एजेंसी द्वारा उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ता धोखाधड़ी के मामले के संबंध में व्यवसायी जय कामदार के साथ उनके कथित संबंधों की जांच कर रहे हैं, जिन्हें सोना पप्पू का करीबी माना जाता है।

कई मामलों में जांच के दायरे में हैं विश्वास

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान विश्वास के सामने जांच के दौरान बरामद की गई कई व्हाट्सएप चैट भी पेश की गईं। कालीघाट पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी अधिकारी रहे विश्वास कई मामलों में जांच के दायरे में हैं। विश्वास को शुक्रवार को विशेष अदालत के समक्ष पेश किये जाने की उम्मीद है।

कुख्यात अपराधी है पोद्दार

ईडी बिस्वास से कथित आपराधिक सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ करना चाहती थी। यह सिंडिकेट सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार द्वारा चलाया जा रहा था, जो रियल एस्टेट सेक्टर में जमीन कब्जाने, उगाही और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी गतिविधियों में शामिल बताया जाता है। पोद्दार एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, उगाही और आर्म्स एक्ट उल्लंघन सहित कम से कम 15 मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल फरार है। आरोप हैं कि इस गिरोह ने करोड़ों रुपये के हवाला रैकेट को अंजाम दिया और इसमें कुछ राजनेताओं तथा पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत भी थी। पोद्दार और उसके गिरोह पर निर्माण परियोजनाओं के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने और उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा करने के आरोप हैं।

बिस्वास के सोना पप्पू से संबंध थे

ईडी इससे पहले कोलकाता के आनंदपुर, अलीपुर और बालीगंज स्थित उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। एजेंसी को शक है कि डीसीपी बिस्वास के सोना पप्पू से संबंध थे। अधिकारियों के मुताबिक, ईडी के पास इस मामले में उनकी संलिप्तता के संकेत देने वाले सबूत मौजूद हैं। इसी सिलसिले में पिछले महीने ईडी ने फर्न रोड स्थित बिस्वास के घर पर छापा मारा था। सुबह शुरू हुई तलाशी देर रात करीब 2 बजे खत्म हुई। अगले दिन बिस्वास और उनके दो बेटों को सीजीओ कॉम्प्लेक्स तलब किया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। पिछले महीने डीसीपी को रेत तस्करी मामले में भी समन भेजा गया था, हालांकि उनकी ओर से वकील ईडी कार्यालय पहुंचे और एजेंसी से समय मांगा।

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Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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