Crime News: दुद्धी विधानसभा क्षेत्र (अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट) से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को सोनभद्र की एक एमपी-एमएलए अदालत ने शुक्रवार को नौ साल पुराने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने के मामले में 25 साल की कैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एमपी-एमएलए कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) एहसान उल्लाह खान ने अभियुक्त पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जो पीड़िता के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जब बीवी प्रधान, पति ने नाबालिग से किया रेप
साल 2014 की बात है, जब रामदुलार गोंड की पत्नी सुरतन रासपहरी की ग्राम प्रधान थीं। तभी गोंड पर नाबालिग को धमकी देकर एक साल तक रेप करने का आरोप लगा। म्योरपुर थाने में रामदुलार के खिलाफ एक शख्स ने अपनी बहन के साथ हुए बलात्कार का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत रामदुलार गोंड के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
भाजपा से विधायक है रामदुलार गोंड
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में आने वाले दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामदुलार गोंड रासपहरी गांव का रहने वाला है। उसने समाजवादी पार्टी के नेता विजय सिंह गोंड को विधानसभा चुनाव 2022 में छह हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। इसने कक्षा 12वीं तक पढ़ाई की है और अपने चुनावी हलफनामे में ये बताया कि उसका व्यवसाय खेती है।
पीड़िता को बालिग साबित करने की हुई कोशिश
रामदुलार ने अदालत की सुनवाई के दौरान पीड़िता की उम्र को लेकर भी गलत दावे किए और उसे बालिग साबित करने की कोशिश की। सारी कोशिशें बेकार हो गईं और अदालत ने बीजेपी विधायक को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने 12 दिसंबर को विधायक को दोषी करार दिया था और सजा सुनाने के लिए 15 दिसंबर की तारीख तय की थी।
अदालत के सामने 'गिड़गिड़ाया' भाजपा विधायक
फैसला सुनाए जाने से पहले गोंड के वकील ने कम से कम सजा देने का आग्रह किया और अदालत को यह भी आश्वासन दिया कि बलात्कार पीड़िता के परिवार की पूरी देखभाल आरोपी द्वारा की जाएगी। गोंड उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। त्रिपाठी ने बताया कि यह घटना चार नवंबर 2014 की है जिसमें भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (दुष्कर्म), 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के प्रावधानों के तहत विधायक पर मुकदमा दर्ज हुआ था। घटना के समय विधायक की पत्नी ग्राम प्रधान थीं। इस मामले में रामदुलार गोंड को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का आरोपी बनाया गया था।
पीड़ित लड़की के भाई की तहरीर पर म्योरपुर थाना की पुलिस ने मामला दर्ज किया था। गोंड उस समय विधायक नहीं थे और मामले की सुनवाई पोक्सो अदालत में चल रही थी। गोंड के विधायक निर्वाचित होने के बाद मामले की सुनवाई सांसद/विधायक (एमपी/ एमएलए) अदालत में स्थानांतरित कर दी गई।
