कौन है भारत की सबसे छोटी नदी? जानें किस राज्य में बहती है

Arvari River: क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी नदी भी है जिसकी लंबाई सिर्फ कुछ किलोमीटर है? खूबसूरत पहाड़ियों और हरियाली के बीच बहने वाली यह नदी अपने छोटे आकार के बावजूद बेहद खास मानी जाती है।



Authored by: पीयूष कुमारUpdated May 26 2026, 11:44 IST
​कौन सी है भारत की सबसे छोटी नदी?​Image Credit : AI IMAGE/ istock01 / 07

​कौन सी है भारत की सबसे छोटी नदी?​

भारत की सबसे छोटी नदी का नाम अरवरी नदी माना जाता है। हालांकि कई रिपोर्ट्स में गोवा की ज़ुआरी की सहायक नदी या अन्य छोटी धाराओं का भी जिक्र मिलता है, लेकिन लंबाई के आधार पर अरवरी नदी सबसे चर्चित है।

​​कहां मौजूद है यह नदी?​Image Credit : AI IMAGE/ istock02 / 07

​​कहां मौजूद है यह नदी?​

अरवरी नदी राजस्थान के अलवर जिले में बहती है। यह नदी अरावली क्षेत्र में स्थित गांवों के लिए जीवनरेखा का काम करती है।

​​कितनी है इसकी लंबाई?​Image Credit : AI IMAGE/ istock03 / 07

​​कितनी है इसकी लंबाई?​

इस नदी की लंबाई लगभग 90 किलोमीटर बताई जाती है, लेकिन भारत की दूसरी बड़ी नदियों की तुलना में यह बेहद छोटी मानी जाती है। इसकी खासियत इसका पुनर्जीवन मॉडल है।

​​किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण​Image Credit : AI IMAGE/ istock04 / 07

​​किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण​

अपने छोटे आकार के बावजूद, यह नदी इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह कृषि को सहारा देती है, भूजल का पुनर्भरण करती है और कई गांवों का भरण-पोषण करती है, जिससे यह अन्यथा अर्ध-शुष्क क्षेत्र में एक आवश्यक कड़ी बन जाती है।

​​अरावली पहाड़ियों से निकलती है नदी​Image Credit : AI IMAGE/ istock05 / 07

​​अरावली पहाड़ियों से निकलती है नदी​

लगभग 45 किलोमीटर लंबी यह नदी प्राचीन अरावली पहाड़ियों से निकलती है और सरसा नदी में मिल जाती है। भारत की बारहमासी नदियों के विपरीत, अरवरी नदी वर्षा जल से पोषित होती है और ऋतुओं के साथ बदलती रहती है। मानसून के दौरान, इसके किनारे हरियाली से भर जाते हैं और नदी में हलचल मच जाती है, जबकि सूखे महीनों में यह शांत रूप से बहती रहती है।

​​सूख चुकी थी नदी​Image Credit : AI IMAGE/ istock06 / 07

​​सूख चुकी थी नदी​

20वीं शताब्दी के अंत तक, वनों की कटाई और अत्यधिक जल दोहन के कारण अरवरी नदी लगभग सूख चुकी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं, जिन्हें जोहड़ कहा जाता है, उसका उपयोग करके नदी को पुनर्जीवित किया। ​

​​आज बनी मिसाल​Image Credit : AI IMAGE/ istock07 / 07

​​आज बनी मिसाल​

आज अरवरी नदी जल संरक्षण और सामुदायिक प्रयास की मिसाल बन चुकी है। यह दिखाती है कि अगर लोग साथ आएं तो सूखी नदियों में भी फिर से जीवन लौट सकता है।

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