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India US Trade Deal: भारत की दो टूक, जल्दबाजी में नहीं होगी डील; किसानों के हितों से समझौता नहीं

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत फिर सुस्त पड़ रही है। भारत ने अमेरिकी अधिकारियों से साफ कहा है कि जल्दबाजी में कोई डील नहीं होगी। इसके अलावा भारत कृषि पर कोई समझौता नहीं करेगा।

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ट्रेड डील पर ठंडी पड़ी बातचीत

India US Trade Deal: भारत ने अमेरिका के साथ जल्दबाजी में अंतरिम व्यापार समझौता करने से इनकार कर दिया है। दोनों देशों के बीच हाल की बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने साफ कर दिया है भारत जल्दबाजी में कोई डील नहीं करेगा। खासकर किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। भारत इस डील को लेकर हो रही बातचीत में लगातार कहता रहा है कि कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी तरह की रियायत देने के गुंजाइश नहीं है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिका के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं, लेकिन उन पर पर्याप्त भरोसा या ठोस प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण फिलहाल समझौता टल गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार का मानना है कि जल्दबाजी में किया गया कोई भी समझौता भविष्य में देश के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है।

भारत की 3 बड़ी मांगें क्या हैं?

भारत ने बातचीत के दौरान तीन अहम शर्तें रखीं। सरकार से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से रॉयटर्स ने दावा किया है कि भारत ऐसी किसी डील पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जो उसके हित में न हो या जिसमें कृषि जैसे अहम मुद्दों पर समझौता करना पड़े। इसके साथ ही भारत ने तीन शर्तें रखी हैं।

  1. भारत को चीन जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ फायदा मिले।
  2. समझौते के बाद अमेरिका भविष्य में नए टैरिफ न लगाए, इसकी स्पष्ट गारंटी दे।
  3. कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भारत पर किसी तरह का दबाव न बनाया जाए।

अमेरिका क्यों चाहता था जल्द समझौता?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इस महीने के आखिर तक नए आयात शुल्क लागू करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में वॉशिंगटन चाहता था कि भारत के साथ जल्द एक सीमित व्यापार समझौता हो जाए। हालांकि, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही संकेत दे चुके थे कि भारत किसी भी समझौते को तभी मंजूरी देगा जब उससे देश को स्पष्ट फायदा मिले। इससे यह भी साफ हो गया कि नई दिल्ली पर समय का दबाव नहीं है।

फिलहाल भारतीय सामान पर कितना टैरिफ लगता है?

US Tariff on Indian Goods : अभी भारत से अमेरिका जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर लगभग 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है। लेकिन ट्रंप प्रशासन अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता और अन्य व्यापारिक मुद्दों के आधार पर कई देशों पर और अधिक टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत समेत कई देशों पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। अमेरिका का आरोप है कि कुछ देशों ने जबरन श्रम से बने उत्पादों के व्यापार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। भारत इन आरोपों को खारिज कर चुका है।

भारत की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत क्यों है?

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में भारत की आर्थिक स्थिति और निर्यात प्रदर्शन मजबूत हुआ है। इससे भारत को बातचीत में ज्यादा आत्मविश्वास मिला है। अप्रैल से जून के बीच भारत के कुल वस्तु निर्यात में पिछले साल की तुलना में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ईरान क्षेत्र में तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के बावजूद पेट्रोलियम निर्यात बढ़ने से कुल निर्यात मजबूत रहा। खाड़ी देशों को भारत का निर्यात भी तेजी से बढ़ा है। मई में यह बढ़कर 5.3 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि मार्च में यह 2.62 अरब डॉलर था। इसी दौरान अमेरिका को होने वाला निर्यात भी बढ़कर 17.29 अरब डॉलर हो गया।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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