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Gyanvapi Case: 'हिंदुओं को सौंपा जाए ज्ञानवापी परिसर, मुस्लिमों के प्रवेश पर लगे रोक' आज कोर्ट में होगी अहम सुनवाई

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Dec 2, 2022, 07:31 AM IST

Gyanvapi Masjid Case: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा करने के अधिकार, मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक संबंधी मामले पर आज कोर्ट में अहम सुनवाई होगी।

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ज्ञानवापी को लेकर आज कोर्ट में अहम सुनवाई

Gyanvapi Case: विश्व वैदिक सनातन संघ की याचिका पर आज से फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू होने जा रहा है। कोर्ट (Court) ने केस की पोषणीयता को स्वीकार कर लिया है। इस केस में ज्ञानवापी परिसर को हिंदुओं (Hindu) को सौंपने, मुस्लिमों की एंट्री पर बैन और वाजूखाने के पास मिली शिवलिंग नुमा (Shivling) आकृति के नियमित दर्शन पूजन की मांग की गई है। ट्रायल के दौरान सबसे पहले मुस्लिम पक्ष (Muslim) अपना जवाब दाखिल करेगा।

हिंदू पक्ष की 3 मांगें क्या हैं ?

  1. ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित हो
  2. ज्ञानवापी परिसर हिंदुओं को सौंपा जाए
  3. शिवलिंगनुमा आकृति की नियमित पूजा का अधिकार मिले

मुस्लिम पक्ष ने की थी ये मांग

हिंदू महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देवी देवताओं की नियमित पूजा अर्चना करने की अनुमति मांगी है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष की याचिका के खिलाफ 7/11 के तहत (मामला सुनवाई योग्‍य है या नहीं) याचिका खारिज करने की मांग की थी, लेकिन पिछली बार जब सुनवाई हुई तो उस दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज महेंद्र पांडे ने इस मामले को सुनवाई के योग्‍य मानते हुए इस केस में 2 दिसंबर की तारीख दी थी।

सुरक्षित रखा था फैसला

इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का एएसआई सर्वेक्षण कराने के वाराणसी की अदालत के निर्देश को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने याचिका दायर कर निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।
किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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