Death of Mulayam Singh Yadav: समाजवादी संस्थापक के मुखिया एवं संसथापक मुलायम सिंह यादव अब इस दुनिया में नहीं रहे। 82 साल की उम्र में उन्होंने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। मुलायम सिंह के निधन पर सियासी जगत की हस्तियां, उनके प्रशंसक एवं चाहने वाले मायूस हैं और उनके प्रति शोक संवेदनाएं जाहिर कर रहे हैं। मुलायम सिंह एक सफल राजनेता थे। उन्होंने देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय राजनीति की और हर जगह अपनी सियासत का लोहा मनवाया।
मुलायम सिंह पर लगते रहे महिला विरोधी होने के आरोप
मुख्यमंत्री एवं रक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने कई ऐसे काम किए जिनके लिए उनकी प्रशंसा होती है। उनके योगदान के लिए उन्हें आगे भी याद किया जाता रहेगा। हालांकि, महिलाओं के प्रति अपने नजरिए को लेकर उनकी आलोचना होती रहेगी। रेप और महिलाओं को लेकर उनका नजरिया तंज था। रेप एवं महिलाओं के बारे में उन्होंने कई विवादित बयान दिए। मुलायम सिंह पर महिला विरोधी होने के आरोप भी लगते रहे। मुलायम ही नहीं उनके बेटे एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर भी महिला विरोधी होने के आरोप लगते रहे हैं।
'लड़कों से गलतियां तो हो जाती हैं'
साल 2014 में मुरादाबाद में आयोजित एक रैली में मुलायम सिंह ने कहा कि 'रेप के मामलों में फांसी की सजा देना गलत है। लड़कों से गलतियां तो हो जाती हैं। इसके लिए फांसी नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी फंसाने के लिए भी लड़कों पर आरोप लगा दिया जाता है। अभी मुंबई में तीन लड़कों को फांसी की सजा दे दी गई। लड़कों से गलतियां हो जाती हैं, ऐसे कानूनों को बदलने की जरूरत है।'
'चार युवकों द्वारा रेप करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है'
अगस्त 2015 में लखनऊ में ई-रिक्शा वितरित करने पहुंचे मुलायम सिंह ने कहा था कि 'चार युवकों द्वारा रेप करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। एक रेप करता है और इसमें चार लोगों का नाम जोड़ दिया जाता है। कभी ऐसा हो सकता है क्या? ऐसा प्रैक्टिल ही नहीं है।' साल 2014 में ही रेप के एक मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सपा संस्थापक ने कहा था कि 'लड़के-लड़के ही रहेंगे...वे गलतियां करते हैं। लड़कियां पहले दोस्ती करती हैं। उनमें जब मतभेद होते हैं तो लड़कियां उन पर रेप का आरोप लगा देती हैं। लड़कों से गलती हो जाती हैं। क्या रेप केस में फांसी दी जाएगी।'
सदन महिलाओं से भर जाएगा-मुलायम सिंह
संसद में जब महिला आरक्षण विधेयक पारित हो रहा था तो उन्होंने कहा था कि सदन महिलाओं से भर जाएगा। उनके इस बयान की हर राजनीतिक दलों ने आलोचना की। उन्होंने कहा था कि इस विधेयक का लाभ ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को नहीं मिलेगा। सपा मुखिया ने कहा कि इस विधेयक का लाभ धनी एवं समृद्ध परिवारों की महिलाओं को मिलेगा। हमारी ग्रामीण परिवेश की महिलाएं ज्यादा आकर्षक नहीं होतीं।
