पहलगाम आतंकी हमले और Operation Sindoor को लेकर आज यानी सोमवार 28 जुलाई से संसद में बहस शुरू हो गई है। इस बहस में हिस्सा लेते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकी हमले और भारत आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन के बारे में विस्तार से बताया। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इस पर रक्षामंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विपक्ष गलत प्रश्न पूछा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वपक्ष को क्या प्रश्न पूछना चाहिए। चलिए जानते हैं।
रक्षामंत्री ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के संबंध में एक-एक बारीकी को रखा। इस दौरान उन्होंने कहा, किसी भी देश में जनता सत्ता पक्ष और विपक्ष को अलग-अलग दायित्व सौंपती है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में यह स्वाभाविक है। 'सत्ता पक्ष का काम होता है, जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करना और विपक्ष का काम होता है सरकार से जनता के मुद्दों से जुड़े जरूरी प्रश्न पूछना।'
विपक्ष के प्रश्न ही गलत हैं
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू किया गया, इसकी जानकारी पहले भी दी गई है और आज भी मैंने सदन को दी है। इस दौरान उन्होंने कहा, कभी-कभी हमारे प्रतिपक्ष के लोग पूछते रहते हैं कि हमारे कितने विमान गिरे? रक्षा मंत्री ने कहा, 'मुझे लगता है उनका यह प्रश्न हमारी राष्ट्रीय जनभावनाओं का सही से प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा है। उन्होंने हमसे एक बार भी यह प्रश्न नहीं पूछा कि हमारी सेनाओं ने दुश्मन के कितने विमान मार गिराए।'
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ये प्रश्न भी पूछे विपक्ष
रक्षामंत्री ने कहा, यदि विपक्ष को प्रश्न पूछना ही है तो उनका प्रश्न यह होना चाहिए, क्या भारत ने आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया? तो उसका उत्तर है हां। मैं विपक्ष के सम्मानित साथियों से कहना चाहता हूं आपको प्रश्न पूछना है तो यह प्रश्न पूछें कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा? तो उसका उत्तर है हां। आपको प्रश्न पूछना है तो यह प्रश्न पूछें कि जिन आतंकियों ने हमारी बहनों-बेटियों का सिंदूर मिटाया, क्या हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में उन आतंकियों के आकाओं को मिटाया? तो उसका उत्तर है हां। आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए, कि क्या इस ऑपरेशन में हमारे जांबाज सैनिकों को कोई क्षति हुई है? तो उसका उत्तर है नहीं।
इसके साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब लक्ष्य बड़े हों तो अपेक्षाकृत छोटे मुद्दों पर हमारा ध्यान नहीं जाना चाहिए।
