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Solar Eclipse: ऐसे होता है सूर्य ग्रहण,देखने का ये है सही तरीका,लेकिन इन जगहों पर नहीं दिखेगा

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 25, 2022, 01:13 PM IST

Solar Eclipse Today: वैसे तो इस बार आंशिक सूर्य ग्रहण देश के हर हिस्से में दिखेगा। लेकिन इसके बावजूद कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां पर सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और आइजॉल, डिब्रूगढ़, इम्फाल, इटानगर, कोहिमा, सिबसागर, सिलचर, तामलोंग इत्यादि में दिखाई नहीं देगा।

KEY HIGHLIGHTS
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने लोगों को नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण नहीं देखने की सलाह दी है।
  • भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा के करीब 40 से 50 फीसदी हिस्से को ढक लेगा।
  • भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा।

Solar Eclipse Today:आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2022) लगने जा रहा है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में यह करीब 2 घंटे तक रहेगा। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार 25 अक्टूबर 2022 (3 कार्तिक, शक संवत 1944) को आंशिक सूर्य ग्रहण की घटना घटित होगी। ग्रहण सूर्यास्त के पहले दोपहर बाद आरम्भ होगा और इसे देश के अधिकांश स्थानों से देखा जा सकेगा। हालांकि ग्रहण का अंत भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि वह सूर्यास्त के बाद भी जारी रहेगा। चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण है, इसलिए चंद्रमा, सूर्य को पूरी तरह से कवर नहीं कर पाएगा। इसलिए भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा के करीब 40 से 50 फीसदी हिस्से को ढक लेगा। जबकि देश के दूसरे हिस्सों में यह 40 फीसदी से कम हिस्से को कवर करेगा।

क्या होता है सूर्य ग्रहण (Surya Grahan)

सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है । यह स्थिति तब बनती है जब सूर्य की परिक्रमा करते हुए चंद्रमा और पृथ्वी के एक खास स्थिति में आ जाती है। वह स्थिति तब बनती है तो सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं। इस दौरान चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में स्थित होता है। जब चंद्रमा की वजह से सूर्य की किरणें पृथ्वी पर पूरी तरह से नहीं पड़ती हैं तो वह पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति होती है। वहीं आंशिक सूर्य ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा के बीच में आ जाने के कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी के कुछ हिस्से तक नहीं पहुंच पाती हैं। अधिकतर सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन होते हैं, क्योंकि उस समय चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है।

भारत में इन जगहों पर नहीं दिखेगा

वैसे तो इस बार आंशिक सूर्य ग्रहण देश के हर हिस्से में दिखेगा। लेकिन इसके बावजूद कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां पर सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और आइजॉल, डिब्रूगढ़, इम्फाल, इटानगर, कोहिमा, सिबसागर, सिलचर, तामलोंग इत्यादि में दिखाई नहीं देगा।

वहीं अगर देश के प्रमुख शहरों में सूर्य ग्रहण की अवधि देखी जाय तो दिल्ली में यह 1 घंटे 13 मिनट और मुम्बई में 1 घंटे 19 मिनट का ग्रहण लगेगा। जबिक चेन्नई में 31 मिनट और कोलकाता में ग्रहण की अवधि 12 मिनट की होगी।

ग्रहण के दौरान कभी न करें ये गलतियां

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने लोगों को नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण नहीं देखने की सलाह दी है। उसके अनुसार सूर्य ग्रहण को थोड़ी देर के लिए भी खाली आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए। चंद्रमा सूर्य के अधिकतम हिस्सों को ढक दे तब भी इसे खाली आंखों से न देखें क्योंकि यह आंखों को स्थाई नुकसान पहुँचा सकता है जिससे अंधापन हो सकता है।

इस तरह देखें सूर्य ग्रहण

सरकार के अनुसार सूर्य ग्रहण को देखने की सबसे सही तरीका ऐलुमिनी माइलर, काले पॉलिमर, 14 नं. शेड के झलाईदार कांच का इस्तेमाल है। इसके अलावा टेलिस्कोप के माध्यम से श्वेत पट पर सूर्य की छाया का प्रक्षेपण कर इसे देखा जा सकता है।

भारत के अलावा सूर्य ग्रहण यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पश्चमी एशिया, उत्तर अटलांटिक महासागर तथा उत्तर हिंद महासागर के क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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