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कतर LNG पर ड्रोन हमला, होर्मुज पर संकट...ऐसे में क्या है भारत की तैयारी; तेल संकट से निपटने का क्या है प्लान?

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों और इनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही रुकने से क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस बीच भारत ने उर्जा संकट से निपटने की अपनी तैयारियों के बारे में जानकारी दी है।

उर्जा संकट से निपटने के लिए भारत का प्लान।

उर्जा संकट से निपटने के लिए भारत का प्लान।

अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद मध्य पूर्व में जंग की आग तेज होती जा रही है। ईरान ने लगातार खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। कतर के एलएनजी प्लांट्स पर ड्रोन हमले और होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही रुकने से क्रूड ऑयल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस बीच, वैश्विक ऊर्जा स्थिति में हो रहे बदलावों के मद्देनजर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की तैयारियों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त भंडार है, जिससे अल्पकालिक समस्याओं से निपटा जा सकता है।

विशेषज्ञों का क्या है कहना?

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि अगर युद्ध एक महीने तक चला, तो कच्चा तेल 100-150 डॉलर तक जा सकता है, जिससे भारत में डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और एलपीजी 20-50% महंगे हो सकते हैं। वहीं, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी अपनी एक रिपोर्ट कहा है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा, तो यह भारत की इकोनॉमी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

सरकार की क्या हैं तैयारियां?

हरदीप पुरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा आयातक, चौथा सबसे बड़ा शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देश में कच्चे तेल और पेट्रोल, डीजल और एटीएफ सहित प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है, जिससे मध्य पूर्व से उत्पन्न होने वाली अल्पकालिक समस्याओं से निपटा जा सके।

भारत के पास बड़े विकल्प तैयार

आगे उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर अपनी आबादी के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और सामर्थ्य सुनिश्चित की है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों के पास अब ऐसे ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरते। ऐसे कार्गो उपलब्ध रहेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान आपूर्ति में अस्थायी रूप से होने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद करेंगे।

आपूर्ति की स्थिति की निगरानी के लिए 24×7 नियंत्रण कक्ष

उन्होंने यह भी बताया कि देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए मंत्रालय ने 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। इस समय सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। हरदीप पुरी ने कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरंतर निगरानी के आधार पर,सरकार को उम्मीद है कि यदि आवश्यक हुआ तो स्थिति को और सुधारने के लिए चरणबद्ध उपाय किए जा सकते हैं।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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