Rahul Gandhi Targets BJP: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और वोटर्स लिस्ट को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और कथित तौर पर ‘वोट चोरी आयोग’ के तरीके समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन उनका मकसद किसी भी कीमत पर भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाना है।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक करीब 39 लाख नए मतदाता जुड़ गए थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस समय भी इसे ‘वोट चोरी’ बताया था और आज भी अपने आरोप पर कायम हैं।
बंगाल एसआईआर को लेकर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का हवाला देते हुए भी चुनावी सूची को लेकर सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, SIR के दौरान जिन नामों को मतदाता सूची से हटाया गया, उनमें से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद दोबारा जोड़ने पड़े।
उन्होंने इसे आधार बनाते हुए दावा किया कि हर 10 में से करीब 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए और उन्हें चुनाव के बाद ही वापस जोड़ा गया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने बंगाल में भी इसे ‘वोट चोरी’ बताया था।
महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम हटाने का दावा
अब राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की मौजूदा मतदाता सूची को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिया गया है, जो राज्य के करीब हर पांचवें मतदाता के बराबर है। राहुल गांधी ने अलग-अलग चुनावों और SIR के आंकड़ों की तुलना करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इनमें से कौन सी मतदाता सूची सही थी।
उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक:
लोकसभा चुनाव 2024: 9.29 करोड़ मतदाता
विधानसभा चुनाव 2024: 9.70 करोड़ मतदाता
एसआईआर 2026: 7.78 करोड़ मतदाता
इन आंकड़ों के आधार पर राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मतदाताओं की संख्या में इतना बड़ा अंतर है, तो सही वोटर्स लिस्ट कौन सी मानी जाए?
'सरकार के लिए जनता जरूरी नहीं है'
राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ से बनी सरकार के लिए जनता जरूरी नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा न तो जनता की सुनती है और न ही जनता के आदेश को मानती है।
हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया इस बयान के आधार पर सामने नहीं आई है। मतदाता सूची में बदलाव, नाम जुड़ने या हटने और SIR की प्रक्रिया से जुड़े आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और चुनाव आयोग के दस्तावेजों से की जानी जरूरी है।
