शहर

नोएडा में फिर अधिकारी लापरवाह; सेक्टर 58 में ढीली स्लैब से नाले में समाया 28 साल का आर्यन, 6 महीने पहले युवराज ने भी गंवाई थी जान

Aryan Death Sector 58 Noida: नोएडा में लापरवाही का खूनी खेल देखने को मिल रहा है। सेक्टर 58 में खुले नाले में गिरने से 28 वर्षीय आर्यन की मौत हो गई है। आखिर कब जागेगा प्रशासन?

Image

नोएडा में फिर अधिकारी लापरवाह; सेक्टर 58 में ढीली स्लैब से नाले में समाया 28 साल का आर्यन, 6 महीने युवराज ने भी गंवाई थी जान (istock-प्रतीकात्मक फोटो)

Noida Authority Negligence 2026: 'हाईटेक सिटी' और चमचमाती सड़कों का दावा करने वाले नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Authority) की घोर प्रशासनिक लापरवाही की भेंट एक और हंसता-खेलता परिवार चढ़ गया। बृहस्पतिवार सुबह करीब 9 बजे तेज बारिश के दौरान सेक्टर 58 स्थित एक फैक्ट्री में काम पर जा रहे 28 वर्षीय युवा कर्मी आर्यन की खुले और असुरक्षित नाले में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई।

नोएडा में बुनियादी ढांचे की बदहाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण किसी मासूम की जान जाने का यह पहला मामला नहीं है। ठीक छह महीने पहले, जनवरी 2026 में ही सेक्टर 150 में ऐसी ही प्रशासनिक और बिल्डरों की सामूहिक लापरवाही ने एक होनहार सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जिंदगी छीन ली थी। इन लगातार हो रही मौतों ने स्थानीय लोगों के गुस्से को भड़का दिया है और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश, जलभराव और मौत का जाल बनी 'ढीली स्लैब'

मूल रूप से नोएडा के सेक्टर 22 स्थित चौड़ा गांव के रहने वाले 28 वर्षीय आर्यन के लिए बृहस्पतिवार की सुबह आखिरी सुबह साबित हुई। सुबह करीब 9 बजे नोएडा में भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण सेक्टर 58 की मुख्य सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया था। सड़क पर पानी जमा होने के कारण आर्यन रास्ता न दिखने पर नाले के ऊपर ढकी हुई कंक्रीट की स्लैब से होकर पैदल अपनी फैक्ट्री की तरफ बढ़ रहा था।

नाले पर रखी गई स्लैब्स में से एक स्लैब सही तरीके से फिक्स नहीं थी और बेहद ढीली थी। जैसे ही आर्यन ने उस पर पैर रखा, स्लैब पलट गई और आर्यन पलक झपकते ही गहरे नाले के तेज बहाव में समा गया।

दोस्त की आंखों के सामने त्रासदी

आर्यन के साथ चल रहे उसके दोस्त शिवम और आसपास के लोगों ने भारी मशक्कत के बाद आर्यन को बेहोशी की हालत में नाले से बाहर निकाला। मौके पर उसे सीपीआर (CPR) भी दिया गया, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

6 महीने पहले कोहरा और खुला गड्ढा

आर्यन की मौत ने नोएडावासियों को 16 जनवरी 2026 की उस खौफनाक रात की याद दिला दी, जब सेक्टर 150 में एटीएस ले ग्रैंडियोस (ATS Le Grandiose) प्रोजेक्ट के पास एक निर्माणाधीन साइट के खुले और पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे (बेसमेंट) ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान ले ली थी।

युवराज मेहता गुरुग्राम की एक नामी आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह हाइब्रिड मॉडल पर काम करते थे और हफ्ते में सिर्फ दो दिन ऑफिस जाते थे। हादसे वाले दिन वह ऑफिस गए थे और देर रात घने कोहरे के बीच कार से सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क में अपने घर लौट रहे थे।

युवराज के सिर से मां का साया दो साल पहले ही उठ चुका था और वह अपने बुजुर्ग पिता के साथ रहते थे। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे (उनकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह यूके में रहती हैं)। इस हादसे ने उनके पिता को पूरी तरह बेसहारा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लोटस ग्रीन्स (Lotus Greens) और विश टाउन (Wish Town) से जुड़े बिल्डरों- रवि बंसल, सचिन कर्णवाल और अभय कुमार सहित अन्य को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया था।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!