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पश्चिम बंगाल चुनाव : EC ने प्रकाशति की आठवीं पूरक सूची, 52 लाख मामलों का हुआ निपटारा

चुनाव आयोग ने आशा जताई कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अगले चार दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने अब तक मतदाता सूची से लगभग 35 से 40 प्रतिशत नाम हटा दिए हैं।

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चार मई को आएंगे बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे।

Photo : PTI

West Bengal Assembly Elections 2026: निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के तहत बृहस्पतिवार को आठवीं पूरक सूची प्रकाशित की और कहा कि उसने विचाराधीन लगभग 52 लाख मामलों का निपटारा कर दिया है। आयोग ने आशा जताई कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अगले चार दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने अब तक मतदाता सूची से लगभग 35 से 40 प्रतिशत नाम हटा दिए हैं।

52 लाख मामलों का सत्यापन और निपटारा पूरा

उन्होंने कहा, 'बृहस्पतिवार शाम तक विचाराधीन लगभग 52 लाख मामलों का सत्यापन और निपटारा पूरा हो चुका है। शेष लगभग आठ लाख आवेदकों के लिए काम जारी है और अगले चार दिन के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।’ अधिकारियों ने विश्वास जताया कि संपूर्ण निर्णय प्रक्रिया सात अप्रैल तक पूरी हो जाएगी। अंतिम मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद 60 लाख से अधिक नामों की जांच की जा रही थी। जिनके नाम पूरक सूची में नहीं हैं, उन्हें अब समाधान के लिए न्यायाधिकरणों का रुख करना होगा। हालांकि, न्यायाधिकरणों के कार्य शुरू करने की तारीख को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

शाह की मौजूदगी में हुआ अधिकारी का नामांकन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। अधिकारी के नामांकन दाखिल करने के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ में यह मुकाबला विधानसभा चुनाव का केंद्र बिंदु बन गया। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। नंदीग्राम में हार के बाद 2021 के उपचुनाव में इसी सीट से ममता बनर्जी ने विधानसभा में वापसी की थी।

नारों के बीच भवानीपुर में दाखिल किया नामांकन

शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ अधिकारी 'जय श्री राम’ और 'भाजपा जिंदाबाद’ के नारों के बीच भवानीपुर और आसपास के इलाकों में रोड शो के बाद सर्वे बिल्डिंग कार्यालय पहुंचे। अधिकारी नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से वह दो बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा भवानीपुर में होने वाले इस मुकाबले को 2026 के विधानसभा चुनाव की सबसे चर्चित चुनावी जंग के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, जहां अधिकारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को उनके गृह क्षेत्र में चुनौती देने वाले हैं। भवानीपुर सीट को लंबे समय से शहरी बंगाली मध्यम वर्ग का गढ़ माना जाता रहा है, जिसने बनर्जी का तब भी साथ दिया जब भाजपा ने राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पैठ मजबूत कर ली थी।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'यही कारण है कि अधिकारी के नामांकन के दौरान शाह की उपस्थिति राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थी। भाजपा नेतृत्व यह संकेत देना चाहता था कि भवानीपुर को केवल एक प्रतीकात्मक मुकाबला नहीं माना जा रहा है, बल्कि एक उच्च स्तरीय लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है जो चुनाव की दिशा बदल सकती है।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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