पश्चिम बंगाल में सरकार गठन को एक सप्ताह होने को है और सीएम सुवेंदु ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कड़े एक्शन की तैयारी कर ली है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में इसके साफ संकेत दे दिए हैं। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए फाल्टा में पुनर्मतदान का एलान किया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के संदर्भ में टिप्पणी करते हुए कहा कि तथाकथित पुष्पा अब मेरी जिम्मेदारी है, फाल्टा में पुनर्मतदान हिंसा मुक्त होना चाहिए।
इस दौरान उन्होने कहा कि फाल्टा में पुनर्मतदान होने से लोगों को मतदान का अधिकार वापस मिलेगा। सुवेंदु ने कहा कि फाल्टा में 10 वर्षों से लोगों को मतदान नहीं करने दिया गया है। ऐसे कदमों से वहां लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार बहाल होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों का हिसाब चुकता किया जाएगा। उपद्रवियों से नुकसान की पाई-पाई की वसूली की जाएगी।
हमारे कार्यकर्ताओं पर किए गए अत्याचारों को नहीं भूला- सुवेंदु
इस दौरान टीएमसी सरकार में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ अत्याचारों का जिक्र करते हुए सीएम अधिकारी ने कहा कि मैं तृणमूल कांग्रेस द्वारा हमारे कार्यकर्ताओं पर किए गए अत्याचारों को नहीं भूला हूं। पूर्व में हुए राजनीतिक अपराधों के लिए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया है। साथ ही सीएम ने एलान किया कि केंद्रीय योजनाओं के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग को लेकर आ रही शिकायतों पर भी संज्ञान लिया गया है। इस बाबत पुलिस को शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
डायमंड हार्बर में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए सीएम सुवेंदु ने टीएमसी और अभिषेक बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,'मेरे पास अभिषेक बनर्जी की कंपनी ’लीप्स एंड बाउंड्स’ की संपत्तियों की सूची मिल गई है,इनकी जांच की जाएगी।'
इस दौरान सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर भी बात की। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार के सत्ता से जाने को बंगाल के लिए ऐतिहासिक दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में न केवल नयी सरकार बनी है,बल्कि यह इस राज्य के लोगों के लिए दूसरी आजादी की तरह है।
भंग किया पुलिस कल्याण बोर्ड, कहा- पुलिसकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को पुलिस कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह जानकारी दी। दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और कानून-व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी।शुभेंदु ने पुलिसिंग और प्रशासन पर अपनी सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि पहले शासकों का कानून था, अब कानून का शासन है। पुलिस कल्याण बोर्ड का गठन नेक इरादे से किया गया था। लेकिन अंततः यह एक पार्टी का मुखौटा संगठन बन गया। मुझे नहीं पता कि इससे पुलिसकर्मियों के कल्याण में क्या लाभ हुआ, लेकिन यह अवैध रूप से (नौकरी की अवधि बढ़ाने का) अड्डा बन गया। कुछ लोगों को व्यक्तिगत रूप से इसका फायदा मिला है। आज हम इस बोर्ड को भंग कर रहे हैं।
महिला पुलिसकर्मियों को दी जाएगी होम डिस्ट्रिक में तैनाती
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि महिला पुलिसकर्मियों को उनके गृह जिलों के भीतर ही तैनाती में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि उन्हें पेशेवर और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सके।
उन्होंने पुलिस को बांग्लादेश के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के नदी क्षेत्रों से होने वाली घुसपैठ के खिलाफ सतर्क रहने को कहा और अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। सुवेंदु ने जबरन वसूली के खिलाफ अपनी सरकार का रुख दोहराते हुए कहा कि ऑटो-रिक्शा और टोटो (ई-रिक्शा) चालकों से अवैध धन की वसूली तुरंत बंद होनी चाहिए। पुलिस शिकायतों की जांच करेगी और उसके अनुसार कार्रवाई करेगी। अगर कोई जबरन वसूली में शामिल है, तो इसकी सूचना दें।
