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ममता बनर्जी का भाषा आंदोलन: बांग्ला भाषी प्रवासियों पर आत्याचार का दावा, BJP के खिलाफ TMC ने खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बांग्ला भाषियों के खिलाफ अत्याचार का आरोप लगाते हुए भाषा आंदोलन की आज शुरुआत की। इस दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला भी बोला।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फोटो- @AITCofficial)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीरभूम जिले के बोलपुर से देशभर में बांग्ला भाषी प्रवासियों पर हो रहे कथित हमलों के विरोध में ‘भाषा आंदोलन’ की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर कड़ा संदेश दिया कि वे अपनी मातृभाषा और अस्मिता को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ममता ने कहा, “मैं जान दे दूंगी, लेकिन किसी को अपनी भाषा छीनने की इजाजत नहीं दूंगी।”

ममता बनर्जी का भाषा आंदोलन

ममता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब वह (मोदी) अरब देशों की यात्रा पर जाते हैं, तो क्या शेख से यह पूछकर गले मिलते हैं कि वे हिंदू हैं या मुसलमान। बोलपुर में सभा को संबोधित करते हुए ममता ने स्पष्ट किया कि वे भाषा के नाम पर किसी भी प्रकार के विभाजन को स्वीकार नहीं करतीं। उन्होंने कहा, “मैं किसी भाषा के खिलाफ नहीं हूं, मेरा मानना है कि विविधता में एकता हमारे राष्ट्र की नींव है।” उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपनी ‘अस्मिता’, मातृभाषा और मातृभूमि को न भूलें।

बंगालियों के साथ अत्याचार का दावा

ममता बनर्जी ने बांग्ला भाषा की महत्ता को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बांग्ला विश्व में पांचवीं सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और एशिया में यह दूसरी सबसे बड़ी भाषा है। बावजूद इसके बंगालियों के साथ होने वाले अत्याचार और भेदभाव को उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को आश्रय दे सकता है, तो अन्य राज्य अपने यहां काम करने वाले 22 लाख बंगाली प्रवासियों को क्यों स्वीकार नहीं कर सकते? यह सवाल सामाजिक समरसता और समानता की मांग करता है।

बंगाल में एनआरसी नहीं-ममता

इसके अलावा, ममता बनर्जी ने केंद्रीय सरकार और निर्वाचन आयोग पर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की कोशिशों का आरोप लगाया। उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए कहा कि यह कदम एनआरसी को पीछे से लागू करने का प्रयास है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में न तो एनआरसी को लागू होने दिया जाएगा और न ही कोई निरुद्ध केंद्र स्थापित किया जाएगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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