देश

'युद्ध लंबा चला तो गंभीर परिणाम होंगे, हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना है', पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बोले PM

पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों एवं पश्चिम एशिया के देशों के साथ बातचीत की है। ईरान, इजरायल के नेताओं से भी हमारी बात हुई है। हमारा लक्ष्य संवाद एवं कूटनीति से क्षेत्र में शांति की बहाली पर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर हमारी नेताओं के साथ बातचीत की है।

Image

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

Narendra Modi: पश्चिम एशिया के संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि इस युद्ध ने गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है जो कि भारत के लिए चिंता का विषय है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मध्य पूर्व में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। उनकी आजीविका की सुरक्षा भारत के लिए चिंता का विषय है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ी संख्या में भारतीय फंसे हैं। ऐसे संकट के समय में यह जरूरी है कि भारतीय संसद से शांति एवं संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए। खाद की आपूर्ति के लिए सरकार ने तैयारियां की हैं। पीएम ने कहा कि किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।

तीन लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय स्वदेश लौटे-पीएम

पीएम ने कहा कि खाड़ी देशों एवं पश्चिम एशिया के देशों के साथ उन्होंने बातचीत की है। ईरान, इजरायल के नेताओं से भी हमारी बात हुई है। हमारा लक्ष्य संवाद एवं कूटनीति से क्षेत्र में शांति की बहाली पर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर हमने नेताओं के साथ बातचीत की है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की मुक्त आवाजाही हम सुनिश्चित कराना चाहते हैं। संकट की इस स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्रतिबद्धता है। युद्ध शुरू होने के बाद तीन लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। ईरान से भी एक हजार से ज्यादा भारतीय देश आए हैं। इनमें से 700 मेडिकल छात्र हैं।

जहां से भी संभव है तेल एवं गैस मंगाया जा रहा

उच्च सदन में पीएम ने कहा कि 'सभी देशों ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। कुछ भारतीयों की मौत हुई है और कुछ घायल हुए हैं। पीड़ित परिवारों को मदद दी जा रही है और घायलों का इलाज सुनिश्चित किया गया है।' पीएम ने आगे कहा कि होर्मुज दुनिया के प्रमुख सामुद्रिक मार्गों में से एक है। युद्ध के बाद से ही होर्मुज से जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लेकिन हमारी सरकार कूटनीति एवं बातचीत से रास्ते बनाने का प्रयास किया है। जहां से भी संभव है तेल एवं गैस मंगाया जा रहा है।

अब 41 देशों से एनर्जी मंगाई जा रही-पीएम

पीएम ने कहा कि बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चा तेल एवं एलजीपी से भरे जहाज भारत आए हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास आने वाले दिनों में जारी रहेंगे। गैस, तेल, खाद से जुड़े जहाज भारत पहुंचते रहें, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह संकट अगर जारी रहता है तो इसके गंभीर दुष्परिणाम तय है। कोई भी संकट हमारे हौसले एवं प्रयासों की परीक्षा लेता है। देश संकट का सामना बेहतर तरीके से कर सके, इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। पहले एलएनजी, पीएनजी 27 देशों से मंगाया जाता था लेकिन अब 41 देशों से एनर्जी आयात किया जा रहा है। ऐसे संकट को देखते हुए भी ऐसे कच्चे तेल के भंडारों को भी प्राथमिकता दी है। ईंधन के एक स्रोत पर निर्भरता न रहे, इसका ध्यान रखा गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article