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'पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए चिंता का कारण', पीएम मोदी ने बताई अपनी तैयारी, देश में तेल भंडार पर भी बोले

PM Modi on Iran War Crisis: पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 11 सालों में 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक तेल भंडार बनाया है और अब इसकी क्षमता को 65 लाख मीट्रिक टन और बढ़ाने का काम चल रहा है।

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पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए चिंता का कारण, पीएम मोदी ने लगातार दूसरे दिन दिया युद्ध पर अपडेट, जानें- देश में कितना तेल भंडार?

PM Modi in Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है और इससे उबरने में लंबा समय लग सकता है। उन्होंने आगाह किया कि यह लंबा चलने वाला संघर्ष दुनिया भर में गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।

राज्यसभा को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि यह युद्ध, जिसे अब तीन हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं, यह पहले ही एक बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर चुका है। इससे प्रमुख व्यापार मार्गों को बाधित होना पड़ा है।

उन्होंने कहा, 'इस युद्ध ने दुनिया में ईंधन की एक गंभीर समस्या पैदा कर दी है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध ने हमारे व्यापार मार्गों पर असर डाला है। इसके चलते पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है।'

पीएम मोदी ने दिलाया भरोसा

PM मोदी ने भरोसा दिलाया कि सरकार तेजी से बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और भारत पर इसके असर को कम करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, 'हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मज़बूत है। सरकार हर बदलती स्थिति पर पैनी नजर रख रही है और पूरी गंभीरता के साथ फैसले ले रही है।'

उन्होंने आगे कहा, 'यह संकट एक अलग तरह का है और इसके समाधान पर भी अलग तरीके से काम किया जा रहा है। हमें हर चुनौती का सामना धैर्य, संयम और शांत मन से करना होगा।'

आपूर्ति सुरक्षित करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उठाए जा रहे कदम

सरकार, आपूर्ति में आने वाली बाधाओं से निपटने के लिए कई स्रोतों से ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने पर काम कर रही है। ऐसा पीएम मोदी ने बताया। मोदी ने कहा, 'हम सभी संभावित स्रोतों से गैस और कच्चा तेल हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में भी ये प्रयास जारी रहेंगे।'

उन्होंने आगे कहा कि भारत ने पिछले 11 सालों में 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक तेल भंडार बनाया है और अब इसकी क्षमता को 65 लाख मीट्रिक टन और बढ़ाने का काम चल रहा है।

मोदी ने 70,000 करोड़ रुपये की जहाज निर्माण परियोजना का भी जिक्र किया और आत्मनिर्भरता की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत के पास आत्मनिर्भर बनने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।'

राज्यों से कार्रवाई करने और कमी से बचने की अपील

प्रधानमंत्री ने राज्यों से जरूरी चीजों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने और गरीबों व प्रवासी मजदूरों के लिए पहले से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कोविड के समय में मिलकर की गई कार्रवाई को याद किया और मौजूदा संकट में भी वैसी ही टीम इंडिया वाली सोच अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, 'जरूरी चीजों की बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'

लंबे समय तक असर रहने की चेतावनी

मोदी ने आगाह किया कि इस संघर्ष का असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने कहा, 'इस युद्ध का बुरा असर लंबे समय तक रहने की संभावना है और साथ ही नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से चौकस, तैयार और पूरी गंभीरता से काम कर रही है।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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