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'उम्मीद है इस आदेश को रद्द करेगा SC, बाबरी फैसले से स्पष्ट समानताएं...', भोजशाला मामले में बोले ओवैसी

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला मामले में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को सुलझाएगा और हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करेगा।

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital

Dhar Bhojshala: धार भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई। ओवैसी ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को सुलझाएगा और हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करेगा।

ओवैसी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इसे सुलझाएगा और आदेश को रद्द कर देगा। इसमें बाबरी मस्जिद के फ़ैसले से स्पष्ट समानताएं दिखती हैं।''

परिसर में नमाज अदा करने का आदेश रद्द

हाई कोर्ट ने धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए हिंदू समुदाय की दो जनहित याचिकाएं मंजूर कर लीं और इस मध्यकालीन स्मारक की धार्मिक प्रकृति देवी सरस्वती के मंदिर के तौर पर तय की। इसके साथ ही अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें मुस्लिमों को हर शुक्रवार भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी।

हाई कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी ने इस मामले से संबंधित पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर फैसला सुनाया। खंडपीठ ने कहा, ''भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद के विवादित परिसर का धार्मिक चरित्र वाग्देवी (सरस्वती) के मंदिर के रूप में तय किया जाता है।''

अदालत ने विवादित स्मारक में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य दस्तावेजों के हवाले से कहा कि स्मारक परमार राजवंश के राजा भोज से जुड़ा था। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी जिले में मस्जिद बनाने के लिए जमीन आवंटन की अर्जी देती है, तो राज्य सरकार इस पर कानूनी प्रावधानों के मुताबिक विचार कर सकती है।

कब शुरू हुई सुनवाई?

खंडपीठ ने भोजशाला मामले में छह अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू की थी और सभी संबद्ध पक्षों को सुनने के बाद 12 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हाई कोर्ट ने विवादित स्मारक से जुड़े अलग-अलग धार्मिक विश्वासों, ऐतिहासिक दावों, कानूनी प्रावधानों की जटिलताओं के साथ ही हजारों दस्तावेजों की पृष्ठभूमि में सुनवाई की थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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