Wayanad Landslide Children Rescued Alive: केरल के वायनाड में भारी बारिश के बाद भूस्खसलन आने से चारों ओर तबाही की मंजर है, वहीं इस बीच कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आईं हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं हैं, केरल वन विभाग के अधिकारियों ने एक साहसिक बचाव अभियान के तहत भूस्खलन और खराब मौसम की स्थिति के बावजूद जंगल और मलबों के में फंसे बच्चों और परिवारों को सफलतापूर्वक निकाला।
कलपेट्टा रेंज अधिकारी आशिक के नेतृत्व में एक टीम ने वीरतापूर्वक एक परिवार को बचाया। जिसमें बच्चे भी शामिल थे, जो वायनाड के अट्टामाला के निकट भोजन और पानी के बिना फंसे हुए थे।
टीम ने फंसे हुए परिवारों तक पहुँचने के लिए रस्सियों का उपयोग करते हुए ऊबड़-खाबड़ इलाके में लगभग चार घंटे बिताए। बच्चों को खड़ी और फिसलन भरी पहाड़ियों से सावधानीपूर्वक सुरक्षित वापस ले आए। भारी बारिश सहित प्रतिकूल मौसम की स्थिति ने बचाव अभियान की जटिलता को और बढ़ा दिया।
लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद ये संभव कर दिखाया। बच्चों का यूं सुरक्षित निकलना किसी चमत्कार से कम नहीं। बच्चें काफी डरे और सहमे हुए हैं। उनके लिए ये दिन किसी ट्रॉमा से कम नहीं थे।
'वायनाड में 100 से अधिक मकान बनाएगी कांग्रेस'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन को शुक्रवार को एक क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी "भयानक त्रासदी" बताया, जो राज्य ने अब तक नहीं देखी थी। उन्होंने कहा कि इस घटना को अलग तरह से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मामले को दिल्ली में और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के समक्ष भी उठाएंगे, क्योंकि यह एक अलग स्तर की त्रासदी है और इसको लेकर अलग तरह से कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने यह वादा भी किया कि कांग्रेस पार्टी वायनाड में 100 से अधिक मकान बनाएगी।
भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी
केरल के वायनाड में दो दिन पहले हुए भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 308 हो गई है जबकि करीब 200 लोग अब भी लापता हैं। वायनाड के भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला में खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के अनुसार, वर्तमान में मरने वालों की संख्या 308 है। वहीं राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने बताया कि वायनाड जिला प्रशासन के मुताबिक मृतकों में 27 बच्चे और 76 महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 225 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से अधिकतर मुंडक्कई और चूरलमाला के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों से हैं।
