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साजिश के तहत लीक की गई नरवणे की किताब? कई देशों ऑनलाइन बिकने लगी थी पूर्व आर्मी चीफ की पुस्तक

सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब का सर्कुलेशन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, यूएसए जैसे देशों में न सिर्फ हुआ बल्कि इन देशों में ऑनलाइन ये किताब सबसे पहले बिकनी शुरू हुई। स्पेशल सेल ने इसलिए FIR आपराधिक साजिश की धाराओं में दर्ज की है और जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक केंद्रित है।

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पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक पर विवाद गहरा गया है।

Photo : ANI

MM Narvane Book: पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन को लेकर विवाद बना हुआ है। पेंगुइन का दावा है कि इस पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है लेकिन यह किताब भौतिक रूप से सामने आ चुकी है जिससे उसके दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच, सूत्रों का कहना है कि शुरूआती जांच से पता चलता है कि किताब सुनियोजित तरीके से लीक की गई और ऐसा रक्षा मंत्रालय की मंजूरी लिए बिना किया गया।

इन देशों में बिकनी शुरू हुई किताब

सूत्रों के मुताबिक जांच में पता चला है कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब का सर्कुलेशन कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, यूएसए जैसे देशों में न सिर्फ हुआ बल्कि इन देशों में ऑनलाइन ये किताब सबसे पहले बिकनी शुरू हुई। स्पेशल सेल ने इसलिए FIR आपराधिक साजिश की धाराओं में दर्ज की है और जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक केंद्रित है।

दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ मामले की जांच कर रहा

दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख की अप्रकाशित पुस्तक के कथित प्रसार की जांच में आपराधिक साजिश के आरोप जोड़े हैं और इसके प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ मामले की जांच कर रहा है। यह मामला पुस्तक के प्रकाशन से पहले सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पुस्तक के पीडीएफ संस्करण के कथित अनधिकृत प्रसार से संबंधित है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच अब यह पता लगाने पर केंद्रित है कि क्या पांडुलिपि के कथित लीक और उसके बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसार के पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को एक नोटिस जारी किया

अधिकारी ने कहा, 'दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को एक नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से कई सवाल पूछे गए हैं और विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी गई है, जिसमें यह भी शामिल है कि अप्रकाशित पांडुलिपि कथित तौर पर कैसे प्रसारित हुई।’ पांडुलिपि के अनधिकृत प्रसार के संबंध में आरोप सामने आने के बाद सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि पीडीएफ का स्रोत क्या है, इसे किन परिस्थितियों में अपलोड या प्रसारित किया गया और क्या इसके प्रकाशन, कॉपीराइट या आधिकारिक मंजूरी से जुड़े किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

पुस्तक को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़

विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में संस्मरण के अंश पढ़ने के बाद पुस्तक को लेकर विवाद बढ़ गया। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने 'एक्स' पर पोस्ट एक बयान में कहा, 'हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक का प्रकाशन नहीं हुआ है। पुस्तक की कोई भी प्रति - मुद्रित या डिजिटल रूप में - प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी भी अन्य तरीके से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।’ पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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