असदुद्दीन ओवैसी, मदनी जैसे लोगों ने बच्चों को भड़काया, हिंसा को लेकर जमात ए उलेमा हिंद का बड़ा बयान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2022, 04:35 PM IST

पैगंबर मोहम्मद पर नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर जुमे की नमाज के बाद देश के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इस पर जमात ए उलेमा हिंद ने कहा कि इस हिंसा के पीछे असदुद्दीन ओवैसी और मदनी जैसे लोगों का हाथ है। ऐसे लोगों ने बच्चों को भड़काया।

नुपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर जुमे की नमाज के बाद देश के विभिन्न इलाकों में हुई हिंसा को लेकर जमात-ए-उलेमा हिंद ने असदुद्दीन ओवैसी और मौलाना मदनी पर बड़ा हमला। उलेमा हिंद के अध्यक्ष सुहैब कासमी ने मीडिया से  कहा कि ओवैसी और मदनी जैसे लोगों ने बच्चों को भड़काया। 20 साल के बच्चों को भड़का कर सड़क पर छोड़ा। एक ही अंदाज में प्रदर्शन का एजेंडा लगता है। ओवैसी मुस्लिम के नाम पर मलाई खा रहे हैं, मौजूदा सरकार में उनकी कमाई नहीं हो रही है। इसमें देश को तोड़ने की साजिश करने वालों का हाथ है। दोनों के खिलाफ फतवा जारी करेंगे।

देशभर में जुमे के दिन हुई हिंसा के बाद आरोपियों पर एक्शन जारी है लेकिन प्रयागराज से लेकर रांची तक हुई हिंसा का एक मॉड्यूल सामने आया है।
हिंसा में बच्चों को आगे किया गया। उनको ढाल बनाया गया। गुरिल्ला तकनीक से सुनियोजित हिंसा हुई। यूपी पुलिस ने साफ कहा जो पत्थर चले, जो हंगामा हुआ, जो लूटपाट मची थी, इसमें वो लोग भी शामिल थे जो बिरयानी के ठेले के पास खड़े थे।

उधर सहारनपुर हिंसा को लेकर पुलिस सूत्रों ने बड़ा दावा किया है। पुलिस का दावा है कि हिंसा के पीछे मुजम्मिल हैं। इसमे शामिल लोगों की उम्र 18 साल है। इतना ही नहीं मुजम्मिल ने हिंसा से पहले भड़काऊ भाषण भी दिया था। वहीं हिंसा से पहले पोस्टर छपवाने वाले आरोपी सलमान को भी गिरफ्तार कर लिया है। सलमान ने 50 पोस्टर छपवाने के साथ-साथ उन्हें चिपकाया भी था।
 

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