NEET Paper Leak: नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है। मामले की सुनवाई कर रही दो जजों की पीठ ने घोषणा की है कि वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा लागू किए गए सुधारों, मैन पावर और व्यवस्था का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने के लिए जल्द ही NTA मुख्यालय का दौरा करेंगे।
हम खुद व्यवस्था का मुआयना करेंगे- जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा ने टिप्पणी करते हुए कहा, “सुधारों की घोषणा के बाद क्या वास्तव में धरातल पर प्रणाली लागू हुई है, यह काम करेगी या नहीं, और पर्याप्त मैनपावर है या नहीं- इन सबका जायजा लेने के लिए हम जल्द ही खुद NTA मुख्यालय का दौरा करेंगे।”
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NTA द्वारा नया हलफनामा दाखिल किए जाने के बाद, अगली सुनवाई की तारीख के बाद जज NTA मुख्यालय का दौरा करेंगे।
NTA प्रणाली का 'संस्थायीकरण' जरूरी
शीर्ष अदालत ने बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कामचलाऊ या अस्थायी उपायों के बजाय NTA की प्रणाली का 'संस्थायीकरण' आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि एक स्थायी और मजबूत प्रणाली ही भविष्य में बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोक सकती है। एजेंसी में स्थायी स्टाफ और विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है।
नंदन नीलेकणि समिति कर रही व्यापक विचार-विमर्श
सुनवाई के दौरान NTA ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति वर्तमान में सभी हितधारकों के साथ व्यापक और गहन परामर्श कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA और नीलेकणि समिति को 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
