'उड़ता बिहार'; पटना में चल रहा नेक्स्ट लेवल का नशा, खुलासे से जुड़े बड़े अपडेट्स, किसने क्या कहा, जानें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 2, 2022, 02:59 PM IST

Bihar Sting Operation: बिहार में ड्रग्स का कारोबार खुलेआम चल रहा है। Times Now नवभारत ने स्टिंग ऑपरेशन कर इसका पर्दाफाश कर दिया है। सरकार से लेकर विपक्ष तक की प्रतिक्रियाएं इस पर आ गई हैं।

TIMES NOW नवभारत के स्टिंग ऑपरेशन में साल 2022 का सबसे विस्फोटक खुलासा हुआ है। शराबबंदी वाले राज्य बिहार में ड्रग्स का कारोबार फैला है। पटना की सड़कों पर दिनदहाड़े ड्रग्स का कारोबार चल रहा है और नशे का ये सच कैमरे में कैद हो गया है। स्टिंग ऑपरेशन पर विपक्ष से लेकर सरकार तक की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने इस पर सफाई दी है और धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार कड़ा एक्शन लेगी।

डिप्टी सीएम ने कहा कि नशाबंदी का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। सरकार की कार्रवाई से ऐसी घटनाओं में कमी हुई है। शराबबंदी और नशाबंदी पर रोक लगे। सरकार की सख्ती के परिणाम आ रहे हैं। सरकार नशा के खिलाफ है।

वहीं पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में शराब को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है। बिहार में शराब की फैक्ट्रियां खुलीं हैं। बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं होती है। JDU प्रवक्ता निहोरा यादव ने कहा कि आपने साल की शुरुआत में ही इतना बड़ा खुलासा किया है। मैं तो कहूंगा कि ड्रग्स को लेकर आप ऐसा खुलासा हर राज्य में करें। 

स्टिंग ऑपरेशन के 10 खुलासे

  1. पटना के NIT घाट पर नाबालिग ड्रग्स लेते दिखे
  2. गांजा से लेकर ब्राउन शुगर तक का सेवन
  3. नाबालिगों को ड्रग्स पैडलर के बारे में जानकारी थी
  4. पटना बाइपास पर ड्रग्स पैडलर का स्टिंग ऑपरेशन
  5. 500 रुपए में ब्राउन शुगर देने को तैयार ड्रग्स पैडलर
  6. ड्रग्स पैडलर की उम्र भी 17-18 साल के करीब थी
  7. पटना रेलवे स्टेशन पर ड्रग्स पैडलर का स्टिंग ऑपरेशन
  8. 60-300 रुपए तक नशे की पुड़िया देने को तैयार
  9. दिन के उजाले में खुलेआम ड्रग्स बेचते कैमरे में कैद
  10. ड्रग्स पैडलर थोक में भी ड्रग्स देने को तैयार

पटना के बाइपास इलाके में खुलेआम ड्रग्स बिक रहा है। ड्रग्स डीलर या पैडलर को पुलिस का कहीं कोई डर नहीं है। कानून का जरा भी भय नहीं है। ये सब उस राज्य की राजधानी का सच है, जहां 2016 से शराबबंदी है। ऑपरेशन राजधानी बिहार की नीतीश सरकार को कुंभकरणी नींद से जगाने के लिए है क्योंकि टाइम्स नाउ नवभारत के स्टिंग ऑपरेशन में आप लगातार देख रहे हैं कि किस तरह पटना के गंगा घाट से लेकर पटना बाइपास तक नशे का कारोबार दिनदहाड़े फल-फूल रहा है, जहां ड्रग्स खरीदने वाले कम उम्र के लड़के हैं तो बेचने वाले भी बेहद कम उम्र के हैं और इनमें से कई नाबालिग हैं लेकिन यहां सवाल ये भी था कि क्या पटना में ड्रग्स के यही दो ठिकाने हैं? सवाल बड़ा था और इसी की जवाब में हमें नए ठिकाने के बारे में पता चला जो था पटना का रेलवे स्टेशन। 

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