चुपचाप खड़े मुख्यमंत्री, सामने सोंटा (एक तरह का छोटा हंटर या चाबुक) लिए युवक और आस-पास मौजूद भीड़...इसी बीच, वह सीएम के सोंटे से प्रहार करने लगता है और वह शांति से अपने हाथ पर इस वार को सह जाते हैं। वह जरा सी उफ भी नहीं करते हैं। पर ऐसा क्यों?
दरअसल, यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ का है। वहां के भिलाई में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस दौरान दुर्ग में 'गौरी-गौरा पूजा' से जुड़ी रस्म का हिस्सा बने। वह इस दौरान सबके सामने आए और सोंटे से प्रहार झेला।
समाचार एजेंसी एएनआई ने घटना से जुड़ी 11 सेकेंड की एक क्लिप भी जारी की है, जिसमें प्रहार करने वाला युवक सीएम का हाथ ऊपर करता नजर आया। फिर उसने पांच बार सोंटे से वार किया। सीएम इस दौरान प्रहार झेलते रहे।
हालांकि, जैसे ही पांचवां प्रहार हुआ उन्होंने अपना हाथ हटाया और उस युवक को प्रणाम कहकर सांकेतिक तौर पर रुकने को कहा। सीएम ने इसके बाद युवक से हाथ मिलाया। युवक जब उनके हाथ पर सोंटे से मार रहा था, तब भीड़ कुछ नारे लगा रही थी।
दरअसल, बघेल ने पुरानी चली आ रही परंपरा के तहत सोंटे की मार खाई। मान्यता है कि इस पूजा के समय सोंटे से प्रहार झेलने पर अनिष्ट टल जाते हैं और खुशहाली आती है। वैसे, बघेल पहली बार इस पूजा में शामिल नहीं हुए हैं। वह इससे पहले भी इस पूजा और परंपरा का हिस्सा बनते रहे हैं।
