देश

VB-G RAM G Yojana: क्या है जी राम जी अधिनियम? एक जुलाई से 25 राज्यों में होगा लागू; पढ़ें कैसे मजदूरों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार 1 जुलाई से मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ लागू करने जा रही है। सरकार ने संसद की स्थायी समिति को बताया कि 25 राज्यों ने इस नई योजना के लिए पहले ही धन आवंटित कर दिया है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी मिलेगी, जो मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। लाभार्थियों को फेस रिकग्निशन फीचर वाले स्मार्ट जॉब कार्ड दिए जाएंगे और मजदूरी का भुगतान DBT के जरिए सीधे खातों में होगा।

Image

केंद्र सरकार 1 जुलाई से मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ लागू करने जा रही है।

Photo : iStock

केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद की एक स्थायी समिति को बताया कि मनरेगा के स्थान पर लाए गए ’विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ को आगामी एक जुलाई को लागू किया जाएगा और 25 राज्यों ने पहले ही इस कार्यक्रम के लिए अपने हिस्से का धन आवंटित कर दिया है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज से संबंधित स्थायी समिति की बैठक में जी राम जी अधिनियम के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के लिए उठाए गए कदमों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

25 राज्यों ने पहले ही इस कार्यक्रम के लिए धन किए आवंटित

सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने समिति के सदस्यों को बताया कि 25 राज्यों ने पहले ही इस कार्यक्रम के लिए धन आवंटित कर दिया है और सभी प्रशासनिक एवं नीतिगत कार्रवाइयां शुरू की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सभी प्रमुख राज्यों ने एक जुलाई से इस योजना को लागू करने के लिए आवश्यक धनराशि आवंटित कर दी है।

लाभार्थी श्रमिकों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 के तहत जारी ’जॉब कार्ड’ के स्थान पर नये ’स्मार्ट जॉब कार्ड’ दिए जाएंगे।

सूत्रों ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नये जॉब कार्ड में चेहरा पहचानने की विशेष सुविधा होगी। जी राम जी अधिनियम के ढांचे के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, एक वित्त वर्ष में 125 दिन की गारंटीकृत मजदूरी के हकदार होंगे, जो मनरेगा के तहत 100 दिनों की गारंटी से अधिक है।

रोजगार निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना होगा, ऐसा न करने पर श्रमिक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बेरोजगारी भत्ता के पात्र बने रहेंगे।

केंद्र सरकार ने कहा कि 2026-27 के लिए आवंटित 95,692.31 करोड़ रुपये ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट अनुमान आवंटन है। राज्यों के संभावित योगदान को शामिल करते हुए, कार्यक्रम का कुल व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।

कैसे मजदूरों को मिलेगा फायदा?

यह अधिनियम समयबद्ध और पारदर्शी मजदूरी भुगतान पर विशेष बल देता है। मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में किया जाता रहेगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मस्टर रोल बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर किया जाएगा।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!