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'भाजपा का महिला और दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब': मेरठ हत्याकांड पर खड़गे का तीखा हमला, योगी सरकार को घेरा

Lalita Gautam Murder Meerut Congress: मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड पर भड़के कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे। उन्होंने ट्वीट कर योगी सरकार पर लगाया पीड़ित परिवार की आवाज दबाने और पुलिसिया दमन का आरोप।

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'भाजपा का महिला और दलित विरोधी चेहरा फिर बेनकाब': मेरठ हत्याकांड पर खड़गे का तीखा हमला, योगी सरकार को घेरा

Mallikarjun Kharge On Meerut Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' का दलित और महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर देश के सामने आ गया है।

खड़गे ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवार न्याय की भीख मांग रहा है, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय न्याय की मांग करने वाले विपक्ष और न्यायप्रिय लोगों को कुचलने में लगी है।

'हर दिन 12 दलित महिलाओं से दुष्कर्म'

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने हमले को केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2013 से 2024 के बीच के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देकर भाजपा शासन पर संस्थागत विफलता का आरोप लगाया।

खड़गे ने लिखा, 'पिछले एक दशक (2013-2024) में देश के भीतर महिलाओं के विरुद्ध दर्ज होने वाले अपराधों में लगभग 42.6% और अनुसूचित जातियों (SC) के विरुद्ध होने वाले अपराधों में लगभग 41% की भयानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।'

उन्होंने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए लिखा कि देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में अनुसूचित जाति की एक महिला के साथ बलात्कार की वारदात होती है। इसका सीधा मतलब यह है कि देश में हर दिन औसतन 12 दलित महिलाओं को इस जघन्य अपराध का शिकार होना पड़ता है।

खड़गे ने कहा कि ये केवल कागजी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का जीवित और डरावना प्रमाण हैं कि भाजपा राज में महिलाएं, दलित और समाज के वंचित वर्ग पूरी तरह असुरक्षित हो चुके हैं।

'आखिर योगी सरकार किस सच को छिपाना चाहती है?'

मेरठ में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं और विपक्षी प्रतिनिधिमंडलों को रोकने, नजरबंद करने और उन पर लाठीचार्ज करने की घटनाओं पर खड़गे ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, 'जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार के साथ उनके दुख में खड़े होने पहुंचते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार, नजरबंद और लाठियों के दम पर क्यों रोका जाता है? आखिर योगी सरकार किस सच को दुनिया से छिपाना चाहती है? विपक्ष को सांत्वना देने से क्यों रोका जा रहा है? परिवार की बात सुनकर उन्हें त्वरित न्याय देने के बजाय पुलिसिया दमन क्यों किया जा रहा है?'

सत्ता को उखाड़ फेंकने की चेतावनी

अपने पत्र और पोस्ट में खड़गे ने उत्तर प्रदेश के पूर्ववर्ती और बहुचर्चित हाथरस और उन्नाव कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश भूला नहीं है कि किस तरह इन दोनों मामलों में भाजपा सरकार ने पीड़ितों की आवाज को दबाने और सत्ता व शासन से जुड़े रसूखदार आरोपियों को बचाने की हरसंभव कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज मेरठ में भी उसी दमनकारी रवैये को दोहराया जा रहा है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पोस्ट का अंत बेहद आक्रामक अंदाज में करते हुए लिखा कि पीड़िता के परिवार को न्याय चाहिए, सरकार की लाठियां और नेताओं की नजरबंदी नहीं। दोषियों को बिना देरी किए कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा- 'याद रहे…दलितों, वंचितों और मजलूमों की आवाज का यह उफान भाजपाई सत्ता के इस दमनकारी सिंहासन को जल्द ही उखाड़ फेंकेगा।'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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