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शिवराज पाटिल के बयान के बीच समझें क्या है गीता के संदेश और जिहाद में फर्क

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  • Updated Oct 21, 2022, 07:52 PM IST

गीता में जिहाद पर शिवराज पाटिल के बोल से कांग्रेस ने किनारा कर लिया है। लेकिन सवाल यह है कि गीता के संदेश और जिहाद में कितना फर्क है इसे बताएंगे। इसके साथ ही कांग्रेस के नेताओं के हिंदू आस्था के बारे में भी कैसी सोच रही है उसका जिक्र करेंगे।

पूर्व गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने भगवद गीता को लेकर विवादित बयान दिया है।पाटिल ने मोहसिना किदवई की बुक लॉन्च के दौरान जिहाद की तुलना पवित्र ग्रंथ श्रीमद भगवद गीता में दिए गए कृष्ण के उपदेश से की है।पाटिल ने कहा कि कृष्ण ने अर्जुन को जिहाद का ज्ञान दिया।ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसने भगवा आतंकवाद की उतपत्ति की ।ये वही कांग्रेस है जिसने कभी राम के अस्तित्व को नकारा और आज भगवत गीता और श्रीकृष्ण पर सवाल उठा रही है।हालांकि बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने किनारा कर लिया। जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा कि शिवराज पाटिल का बयान अस्वीकार्य है।सवाल है अगर कांग्रेस को बयान स्वीकार नहीं है तो फिर शिवराज पाटिल पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही कांग्रेस- क्यों सोनिया और राहुल गांधी इस पर चुप है।वहीं बीजेपी ने कांग्रेस हमला बोलते हुए कहा है कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने भगवत गीता का अपमान किया है।

गीता का संदेश

  • गुस्से पर काबू
  • मन पर नियंत्रण
  • खुद का आकलन
  • खुद का निर्माण
  • हर काम का फल
  • विश्वास के साथ विचार
  • अपने काम पर फोकस

जिहाद क्या है?

  • कट्टरपंथ के लिए मारकाट
  • आतंकवाद और हिंसा
  • हथियार का सहारा
  • बेगुनाहों का कत्ल
  • खून-खराबे का रास्ता
  • कट्टर बनाने का पाठ
  • हथियारों की ट्रेनिंग
अब सवाल यह है कि कांग्रेस जो खुद को भी हिंदू हितों की रक्षक बताती है उसके कर्ताधर्ता क्या कहते हैं। खास तौर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का नजरिया क्या है।

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जुलाई, 2009

विकिलीक्स को कहा 'अलकायदा-लश्कर से खतरनाक हैं हिंदू'

नवंबर 2021

सलमान खुर्शीद, नेता, कांग्रेस

हिंदुत्व की तुलना बोको हरम और ISIS से की

2013

सुशील कुमार शिंदे, पूर्व गृहमंत्री

RSS पर भगवा आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया

अगस्त 2010

पी चिदंबरम, नेता,कांग्रेस

भगवा आतंकवाद की घटनाएं होने की बात कही

अक्टूबर 2018

शशि थरूर, नेता, कांग्रेस

अच्छा हिंदू नहीं चाहेगा कि मस्जिद का ढांचा गिराकर राम मंदिर बने

अब इन बयानों के बाद यह भी समझना जरूरी है कि हिंदू आस्थाओं के बारे में कांग्रेस की आम सोच क्या रही है।

2007

रामसेतु विवाद में राम के अस्तित्व पर सवाल

UPA सरकार ने SC में हलफनामा देकर कहा कि राम काल्पनिक हैं

यूपीए शासनकाल में NCERT की पुस्तकों में राम को काल्पनिक कहा

मणिशंकर अय्यर

जनवरी 2019

राजा दशरथ के महल में 10000 कमरे थे, किसमें पैदा हुए राम बताना बड़ा ही मुश्किल

दिग्विजय सिंह

नवंबर 2018

भगवान राम भी नहीं चाहेंगे कि विवादित स्थल पर मंदिर बने

शशि थरूर

अक्टूबर 2018

कोई भी अच्छा हिंदू नहीं चाहेगा कि मस्जिद का ढांचा गिराकर राम मंदिर बने

कपिल सिब्बल

मई 2017

भगवान राम की तुलना तीन तलाक और हलाला से की

राशिद अल्वी

नवंबर 2021

जो जय श्रीराम का नारा लगाते हैं वो मुनि नहीं निशाचर हैं

जानकार कहते हैं कि जब कांग्रेस के नेताओं के बयान में भी इतना विरोधाभास है तो बीजेपी के लिए मुद्दों का मिलना स्वाभाविक है। दरअसल कांग्रेस के लामने चुनौती है कि मौजूदा समय में वो आखिर समाज के किस धड़े की राजनीति करे। कांग्रेस जब सॉफ्ट हिंदुत्व की बात करती है तो उसके परंपरागत मतदाता जो अब बहुतहद तक छिटक चुके हैं वो और दूर चले जाते हैं। जब कांग्रेस अपने परंपरागत वोट बैंक की तरफ देखती है तो उसे डर रहता है कि देश का बहुसंख्यक समाज उससे पूरी तरह किनारा ना कर ले।

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