Parliament Monsoon Session 2024: संसद के निचले सदन लोकसभा में बुधवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2024-25 पर चर्चा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने सरकार पर कई सारे आरोप लगाए। साथ ही सरकार के कामकाज करने के तरीके को लेकर सवाल किया। इसी बीच, उन्होंने नोटबंदी का जिक्र किया, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष और उनके बीच तीखी बहस हुई।
नोटबंदी के जिक्र पर भड़के स्पीकर
दरअसल, सांसद अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरने के लिए 2016 में लागू की गई नोटबंदी का जिक्र किया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भड़क उठे और उन्होंने अभिषेक बनर्जी से कहा कि आप वर्तमान बजट पर अपनी बात रखें, जो बीत गया है उस पर बात न करें। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर कोई पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर बात करें तो आप उसे कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन मैं अगर 2016 की नोटबंदी पर बात कर रहा हूं तो आप वर्तमान बजट पर बात रखने के लिए कह रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पीकर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर कोई इमरजेंसी को लेकर बात करें तो आप चुप रहेंगे।
'बिना विजन का बजट'
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रुके। उन्होंने बजट को लेकर निशाना साधते बजट 2024-25 को बिना विजन वाला बजट बताया। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने अपने मित्र दलों को खुश करने के लिए यह बजट पेश किया है। यह बजट 140 करोड़ देशवासियों के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में देश के 140 करोड़ लोगों को नजरअंदाज कर सिर्फ दो सहयोगियों को खुश किया गया है।
सरकार गिरने वाली हैः अभिषेक बनर्जी
बजट पर चर्चा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि गठबंधन में समन्वय होता है। यही वजह है कि इस बार की सरकार को कई भी मोदी 3.0 नहीं कह रहा है। यहां तक कि भाजपा के मंत्री भी 3.0 नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार की सरकार काफी नाजुक हालत में है, जो कभी भी गिर सकती है। उन्होंने अपने संबोधन के आखिरी में कहा कि सब्र रखिए और अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि मौसम बिगड़ने वाला है।
