पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों से लेन-देन पर लगी रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की सुनवाई कल तक के लिए टाल दी।
इस बीच, अदालत के निर्देश पर इन खातों से धन निकासी पर रोक लगाने वाले निजी बैंक ने बुधवार को एक रिपोर्ट जमा की। अदालत ने इन खातों में जमा राशि की जानकारी मुहैया कराने को कहा था। हालांकि, सुनवाई टल जाने के कारण अदालत ने इस रिपोर्ट को नहीं खोला।
इसलिए नहीं हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बिधाननगर पुलिस की ओर से पेश हो रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की व्यक्तिगत व्यस्तता को देखते हुए सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला किया। इससे पहले दो जुलाई को अदालत ने बैंक को संबंधित खातों में उपलब्ध रकम का विवरण पेश करने का निर्देश दिया था।
ममता बनर्जी गुट के वकील ने दी ये दलील
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि पार्टी के कुछ अन्य बैंक खातों पर भी निकासी संबंधी रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अगली सुनवाई के दौरान एक पूरक हलफनामा दायर किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि बैंक खातों के संचालन और निगरानी के लिए किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को विशेष अधिकारी नियुक्त करने पर विचार किया जा रहा है। अदालत ने पूर्व न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार का नाम भी सुझाया, लेकिन उनके पुत्र के मामले में एक पक्ष की ओर से वकील होने के कारण अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों की राय मांगी जाएगी।
गौरतलब है कि अदालत पहले ही यह संभावना जता चुकी है कि मामले के अंतिम निपटारे तक इन खातों का संचालन संयुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में कराया जा सकता है। इससे पहले कोर्ट ने बिधाननगर पुलिस को शिकायत, एफआईआर और अब तक की जांच से जुड़े दस्तावेज अगली सुनवाई में पेश करने की अनुमति भी दी थी।
ऋतब्रत बनर्जी गुट ने की थी शिकायत
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट से जुड़े कुछ विधायकों की शिकायत के बाद पार्टी के तीन बैंक खातों से धन निकासी पर रोक लगाई गई थी। बागी विधायकों ने आरोप लगाया था कि खातों में जमा धनराशि के स्रोत की जांच कराई जानी चाहिए, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और जांच शुरू हुई।
