Tirupati SIT: तिरुपति मंदिर के प्रसाद में चर्बी मिले होने की जांच का मामला अब एसआईटी के पास चला गया है। तिरुपति मंदिर का जिम्मा संभालने वाले ट्रस्ट ने भी घी में चर्बी मिले होने की पुष्टि की थी, जिसके बाद रविवार को आंद्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने एसआईटी जांच के आदेश दे दिए हैं।
तिरुपति मंदिर के लड्डू विवाद की जांच करेगी SIT
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घी की खरीद और मंदिर संचालन से संबंधित अन्य मामलों में अनियमितताओं की जांच के लिए महानिरीक्षक या उससे उच्च रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की। नायडू ने कहा- "आईजी स्तर या उससे ऊपर के अधिकारी की निगरानी में एसआईटी का गठन किया जाएगा। यह सभी कारणों, सत्ता के दुरुपयोग की जांच करेगा और सरकार को रिपोर्ट देगा। सरकार इस तरह की घटनाओं (लड्डू में मिलावट) की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी, इसमें कोई समझौता नहीं होगा।"
जांच में क्या-क्या शामिल
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव ने रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि पैनल सुगंध, स्वाद और बनावट के आधार पर खाद्य नमूनों का मूल्यांकन करेगा। यह कदम टीटीडी द्वारा हाल ही में गुणवत्ता के लिए जांचे गए नमूनों में घटिया घी और लार्ड (सूअर की चर्बी) की मौजूदगी का खुलासा किए जाने के बाद उठाया गया है।
सवालों के घेरे में जगन
तिरुपति मंदिर के प्रबंधन में हस्तक्षेप और लड्डू विवाद में पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी पहले ही विवादों में घिरे हैं। अब नायडू ने फेथ डिक्लेरेशन क्लॉज को लेकर जगन पर हमला बोला है। नायडू ने जगन मोहन रेड्डी पर सवालों की बौछार करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, एपीजे अब्दुल कलाम ने भी फेथ डिक्लेरेशन फ़ार्म पर साइन किया है, फिर जगन ने क्यों नहीं किया। पूर्व टीटीडी चेयरमैन और मौजूदा वाईएसआरसीपी के राज्य सभा सांसद सुब्बा रेड्डी की पत्नी बाइबिल पकड़कर घूमती हैं। ईसाई पद्धति से बेटी की शादी कराने वाले नेता भुमना करुणाकर रेड्डी को टीटीडी चेयरमैन बनाया गया। किसी भी धार्मिक संस्था में उस धर्म के लोग और उस धर्म को मानने वाले लोग होने चाहिए। अपराधियों और असामाजिक ताकतों को धर्म संस्था में रहने की अनुमति नहीं है।
